चारों के शवों का रीवा में रात में ही पोस्टमार्टम कराया गया। देर रात शिवम, पंकज, मनीष और सत्यजीत के शव उनके घर पहुंचे। शव पहुंचते ही इकलौते बेटे शिवम केसरवानी की मां मुन्नी देवी बेसुध हो गईं। शिवम पिता केशव प्रसाद का पान मसाले, सुपारी और शापिंग कांप्लेक्स के काम में हाथ बंटाता था। शिवम की तीनों बहनों की भी रो रोकर हालत खराब हो गई।
मुट्ठीगंज बरगद गली के रहने वाले मनीष का शव घर पहुंचा तो पत्नी टीना और बेटा आदित्य उसके शव से लिपटकर रोने लगे। मनीष गिट्टी सप्लाई का काम करता था। कीडगंज के प्रापर्टी डीलर पंकज जायसवाल की पत्नी पूजा और बेटी वैभवी का भी बुरा हाल रहा। झूंसी में सत्यजीत का शव पहुंचा तो कैंटीन चलाने वाले सत्यजीत के माता-पिता खुद को संभाल नहीं सके।
चारों दोस्तों में शिवम और सत्यजीत की शादी नहीं हुई थी। दोनों ही अपने-अपने घरों के इकलौते बेटे थे। बृहस्पतिवार की सुबह पंकज और सत्यजीत के शवों का अंतिम संस्कार दारागंज घाट और शिवम और मनीष के शवों का अंतिम संस्कार रसूलाबाद घाट पर किया गया।
चारों के घरों पर दिन भर लगा रहा सांत्वना देने वालों का तांता
रीवा में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले चारों दोस्तों शिवम केसरवानी, पंकज जायसवाल, मनीष जायसवाल और सत्यजीत चटर्जी के घर बृहस्पतिवार को सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा। अंतिम संस्कार के बाद परिजन घर लौटे तो उनसे मिलने वाले पहुंचने लगे। प्रयागराज की सांसद रीता बहुगुणा जोशी भी चारों के घर पहुंचीं और उनके परिवार वालों को सांत्वना दी।
कुलदीप की हालत बेहद गंभीर, मेदांता रेफर
हादसे में घायल अभिषेक त्रिपाठी और कुलदीप केसरवानी को पहले रीवा में भर्ती कराया गया था, लेकिन गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें प्रयागराज भेज दिया गया। यहां आते-आते कुलदीप की हालत और खराब हो गई। इसके बाद डॉक्टरों ने उसे तुरंत मेदांता ले जाने को कहा। घर वाले एंबुलेंस से उसे लेकर मेदांता चले गए। उधर, अभिषेक की भी हालत बेहद गंभीर है। वह लाइफ लाइन हॉस्पिटल में भर्ती है। पड़ोसियों के मुताबिक डाक्टरों ने अभिषेक को भी बाहर ले जाने की सलाह दी है। उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही है।