चप्पड़चिड़ी में 300 साला समागम रहा ऐतिहासिक
माघ मेले में भी श्रद्धालु और पर्यटक लेजर शो का लुत्फ उठा सकेंगे। इसमें गंगा अवतरण, राम कथा समेत अन्य धार्मिक कथाओं पर शो दिखाए जाएंगे। इसके लिए संस्था से वार्ता हो हो गई है। साथ ही अन्य तैयारी भी पूरी की जा रही है।
कुंभ में लेजर शो मुख्य आकर्षण था। रोजाना अंधेरा होने के बाद अक्षयवट मंदिर प्रवेश द्वार के पास किले की दीवार पर इसका प्रसारण किया जाता था, जिसे लेकर लोगों में खासा उत्साह रहा। इससे पहले 2018 के माघ मेले में भी हुए वाटर शो को भी लोगों ने सराहा था। लोगों के आकर्षण को देखते हुए इस बार माघ मेले में लेजर शो का निर्णय लिया गया है। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि इसकी तैयारी की जा रही है। सांस्कृतिक पांडाल भी होगा, जहां अनेक आयोजन होंगे। वाटर स्पोर्ट्स तथा कई अन्य आयोजन आकर्षण का केंद्र होंगे।
कटान, दलदल बना समस्या
गंगा में कटान तथा दलदल की वजह से प्रशासन की चुनौती बढ़ गई है। तैयारी तो प्रभावित हुई ही है, विवाद भी बढ़ गया है। संस्थाओं को भूमि आवंटित कर दी गई है, लेकिन कई जगहों पर दलदल की शिकायत है। इससे संस्थाओं की नाराजगी बढ़ गई है। कई संस्थाएं तो वहां जमीन लेने के लिए भी तैयार नहीं हैं। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि समस्या है, लेकिन समय से तैयारी पूरी कर ली जाएगी। डीएम ने बताया कि दलदल की वजह से काम में बाधा आ रही है। मिट्टी डालकर जमीन समतल की जा रही है। जल्द ही यह शिकायत दूर होगी। उन्होंने दावा किया कि सभी काम समय रहते पूरे हो जाएंगे।
भूमि के लिए भटक रहीं संस्थाएं
भूमि आवंटन का काम करीब पूरा हो चुका है, लेकिन कई संस्थाओं को जमीन नहीं मिली है। इस बार बड़ी संख्या में नई संस्थाओं ने जमीन और सुविधाओं के लिए आवेदन किया है। इसके विपरीत कटान तथा दलदल के कारण जमीन कम हो गई है। इससे उन्हें जमीन मिलना मुश्किल है और संस्थाएं भटक रही हैं। सिराथू के हृदय नारायण सेवा संस्थान ने भी जमीन की मांग की है। संस्था के अंबुज कुमार पांडेय का कहना है कि उन्होंने कुंभ में भी जमीन की मांग की थी, लेकिन नहीं मिली थी।