Landlord's right to construct for better use
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने कहा है कि मकान मालिक को अपनी जमीन पर निर्माण कराने और उसका बेहतर उपयोग करने का अधिकार है। मकान मालिक पुराना भवन गिराकर नया निर्माण करना चाहता है और किरायेदारों को नए निर्माण में स्थान दे रहा है तो उसे ऐसा करने का हक है। किरायेदार इस काम में अवरोध नहीं पैदा कर सकते हैं। कोर्ट ने कहा यदि मकान मालिक बेहतर सुविधा देकर अधिक किराया चाहता है उसे ऐसा करने का हक है। मकान मालिक की जरूरत के आधार पर इस पर आपत्ति नहीं की जा सकती। किसी को भी मकान मालिक को उसकी योजना में बदलाव करने को बाध्य करने का भी अधिकार नहीं है।
कोर्ट ने किरायेदार दुकानदार की याचिका पांच हजार हर्जाने के साथ खारिज कर दी है और अधीनस्थ न्यायालय के आदेश को सही माना है। यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी ने मुजफ्फरनगर रुड़की रोड पर बाग केशवदास में किराये के दुकानदार सुरेंद्र सिंह की याचिका पर दिया है। भवन मालिक अलोक स्वरूप की सड़क पर सात दुकानें थी। जिसमें से एक याची को किराए पर दी गई थी।
मकान मालिक ने अपनी जमीन पर नक्शा पास कराकर कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया। भूतल पर याची को दुकान भी दी। इसके बावजूद कॉम्प्लेक्स के सामने बनी दुकान वह खाली नहीं कर रहा था। तो बेदखली वाद दायर हुआ। कोर्ट ने किरायेदार को पुरानी दुकान खाली करने का आदेश दिया। सक्षम प्राधिकारी ने दुकान की जर्जर हालत और मालिक की जरूरत के आधार पर यह आदेश दिया। इसके खिलाफ अपील खारिज हो गई। जिसे चुनौती दी गई थी।