प्रयागराज। जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण के विरोध में नोएडा के हजारों किसानों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। किसान अधिग्रहण की कार्यवाही से नाखुश हैं। मंगलवार को दो बसों और ट्रेन में भर कर करीब ढाई सौ किसान हाईकोर्ट पहुंचे। इन सभी ने पहले से दाखिल याचिका में पक्षकार के तौर पर अपना हलफनामा दाखिल किया। जेवर एयरपोर्ट किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह और अन्य की ओर से दाखिल याचिका पर पांच अगस्त को सुनवाई होगी। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है।
मंगलवार को किसानों के साथ प्रयागराज पहुंचे याची अजय प्रताप सिंह का कहना है कि प्रदेश सरकार और यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण किसानों से छल कर रहा है। उनके गांवों को पहले नगर क्षेत्र घोषित कर दिया गया था, इसके बावजूद मुआवजा 1806 रुपये प्रतिवर्ग मीटर की दर से दिया जा रहा है। जबकि शहर में सर्किल रेट 5200 से लेकर 3650 रुपये प्रतिवर्ग मीटर है। किसानों को कम से कम 3650 रुपये वर्गमीटर की दर से मुआवजा मिलना चाहिए। पहले चरण के अधिग्रहण में 1332 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की जा रही है। इससे छह गांवों के नौ हजार किसान प्रभावित हो रहे हैं।
याची का कहना है कि किसान पिछले कई महीनों से आंदोलन कर रहे हैं, मगर उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। स्थानीय विधायक, सांसद और जनप्रतिनिधि भी किसानों की बात सुन नहीं रहे हैं। किसानों का कहना है कि अधिग्रहण से किसान भूमिहीन और बेघर हो जाएंगे। नियमानुसार उनको 20 प्रतिशत विकसित प्लॉट और सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए, मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।