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ललित हत्याकांड: पूछा क्या हुआ था घटना के वक्त

A knife smeared with blood. A murder weapon. Representative photo crime - फोटो : Erwin Wodicka - wodicka@aon.at
घटनास्थल पर पहुंची सीबीआई, वादी से छह घंटे पूछताछ

जयंतीपुर स्थित मृतक के घर पहुंचकर भी की जांच पड़ताल, देखे दस्तावेज
प्रयागराज। ललित वर्मा हत्याकांड में जांच के लिए पहुंची सीबीआई ने मंगलवार को मृतक के पिता से छह घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान तीन सदस्यीय टीम सिविल लाइंस स्थित घटनास्थल पर भी पहुंची और यह जाना कि घटना वाली रात क्या-क्या हुआ था। इससे पहले टीम ने मृतक के घर पहुंचकर दस्तावेज भी देखे।
सीबीआई टीम सुबह सबसे पहले 10.30 बजे के करीब मृतक के जयंतीपुर स्थित घर पहुंची। टीम मेें शामिल तीनों सदस्यों ने घरवालों से बातचीत की और फिर मुकदमे से संबंधित दस्तावेज देखे। इसके बाद घर व बगल स्थित दुकान का मुआयना किया। उस भवन को भी देखा जिसे लेकर पीड़ित परिवार का आरोपियों से विवाद चल रहा है। साथ ही कुछ तस्वीरें भी खींची। वहां से वादी मुकदमा मृतक के पिता विनोद कुमार को लेकर टीम एक अज्ञात जगह पर पहुंची जहां उससे करीब घंटे भर पूछताछ की गई। दोपहर में टीम के सदस्य वादी को लेकर सिविल लाइंस स्थित घटनास्थल पर पहुंचे। यहां पहुंचकर टीम ने पहले घटनास्थल का मुआयना किया। इसके बाद मुकदमा वादी से विस्तार में जानकारी ली कि घटना वाली रात वहां क्या और कैसे हुआ था। उनसे कई सवाल पूछे मसलन घटना के वक्त वह कहां थे, किधर से आए, बेटा ललित किस जगह पर था और उस पर कैसे हमला हुआ। घटनास्थल पर करीब एक घंटे रहने के बाद टीम वादी को लेकर लौट गई। इसके बाद अज्ञात स्थान पर ले जाकर भी उससे करीब दो घंटे तक पूछताछ हुुई। जिसके बाद शाम पांच बजे के करीब उसे घर भेज दिया गया। सूत्रों ने बताया कि मुकदमे की जांच के संबंध में सीबीआई टीम के अभी कुछ दिनों तक शहर में ही रहने के आसार हैं। टीम सिविल लाइंस थाने पहुंचकर भी जांच पड़ताल कर सकती है।
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पूर्व विधायक समेत आठ पर हुआ है केस
जयंतीपुर निवासी ललित वर्मा की हत्या फरवरी 2016 में सिविल लाइंस में हुई थी। इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर जांच कर रही सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने पूर्व विधायक पूजा पाल, राजेश त्रिपाठी, संदीप यादव, पूजा के भाई राहुल पाल, दिलीप पाल, मुकेश केसरवानी व पृथ्वी पाल पर मुकदमा दर्ज किया है। बता दें कि घटना के बाद परिजनों ने पूजा पाल समेत अन्य को आरोपी बनाया था लेकिन पुलिस की जांच में उन्हें क्लीन चिट दे दी गई थी। परिजनों की गुहार पर हाईकोर्ट ने नवंबर 2017 में प्रदेश सरकार को मामले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद सीबीआई ने जांच शुरू की।
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