इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नियुक्ति की प्रकृति छिपाकर याचिका दाखिल करने पर आऊटसोर्सिंग कर्मचारी पर लगे एक लाख रुपये हर्जाने पर रोक लगा दी है। सरकार से 14 जुलाई तक जवाब तलब किया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ व न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के आउटसोर्सिंग कर्मी शिवराज सिंह की विशेष अपील पर दिया है। अपीलार्थी ने एकल पीठ के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उस पर एक लाख रुपये हर्जाना लगाते हुए याचिका खारिज कर दी गई थी।
कोर्ट ने पाया था कि अपीलार्थी ने सेवा संबंधी याचिका में यह तथ्य छिपाया था कि उसकी नियुक्ति आउटसोर्सिंग के माध्यम से हुई थी। संवाद