होम्योपैथिक विधा से परास्नातक (पीजी) की पढ़ाई करने वाले छात्रों को अभी और इंतजार करना होगा। फाफामऊ स्थित लाल बहादुर शास्त्री राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में परास्नातक कोर्स की मान्यता मिलने में देरी लगेगी। यह देरी कितने दिनों, सालों की होगी यह कहना मुश्किल है, लेकिन इतना तय है कि यहां पर छात्रों को पीजी की पढ़ाई करने के लिए इंतजार करना होगा।
होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में पीजी सीट के लिए दो साल से कोशिश जारी है। कॉलेज में तीस सीट बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय ने स्वीकृति दे दी थी। विवि से मान्यता मिलने के बाद शासन को प्रस्ताव भेजा गया। शासन तीस सीट बढ़ाने के लिए राजी नहीं हुआ। वह केवल दस सीट बढ़ाने के लिए तैयार हुआ। मेडिकल कॉलेज के पास पीजी की दस सीटों के लिए भी टीचर नहीं है।
शासन के यहां टीचर्स की नियुक्ति का मामला अटका हुआ है। इसमें लेक्चर, प्रोफेसर सभी पदों के लिए तैनाती की जरूरत है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में रेडियोलॉजी, पैथालॉजी सहित कई जांच सुविधाएं बहाल होने भी जरूरत है। पीजी छात्रों के होने से मरीजों को भर्ती भी किया जाएगा। उसके लिए भी कॉलेज में व्यवस्था किए जाने की जरूरत है। होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके चतुर्वेदी ने कहा कि उन्होंने शासन को जरूरत के मुताबिक प्रस्ताव भेज दिया है लेकिन शासन ने कुछ किया नहीं है। वह इसके लिए लगातार प्रयासरत हैं।