विनायक राव, विहिप के केंद्रीय संगठन मंत्री
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विश्व हिंदू परिषद के पूर्वी उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं की बैठक में कांग्रेेस के अब तक के शासनकाल को जमकर खरी खोटी सुनाई गई, साथ में मंदिर निर्माण और मोदी सरकार का बखान करने में भी विहिप के पदाधिकारी पीछे नहीं रहे। करीब ढाई हजार कार्यकर्ताओं के बीच मंच से इस बात को इशारों में कहा गया कि हिंदुत्व और देश तभी मजबूत और सुरक्षित रहेगा जब फिर से केंद्र में मोदी जैसी सरकार आएगी।
विहिप के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय जोर देकर कहा कि देश को सिर्फ आर्थिक रूप से ईमानदार लोग ही चला सकते हैं। उनका इशारा था कि मोदी सरकार में अभी तक किसी मंत्री पर कोई भ्रष्टाचार का केस सामने नहीं आया है। इस बीच बिना किसी का नाम लिए कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के पति राबर्ट वाड्रा पर चल रही ईडी की पूछताछ की तरफ भी संकेत किया गया। उन्होंने मोदी को हिंदुत्व का सबसे बड़ा पहरेदार साबित करते हुए यह कहा कि पिछले 70 वर्षों से हिंदू समाज जिन विषयों को लेकर प्रतीक्षा कर रहा था, वह अब धीरे-धीरे साकार होने लगी है। उन्होंने कहा कि देश समान नागरिक कानून की ओर बढ़ता दिख रहा है। कहा कि बाबर को आक्रमणकारी मानने वाली संस्था ही देश हित के लिए जरूरी है।
कार्यकर्ताओं की बैठक में पदाधिकारियों ने बताया कि जब-जब कुंभ लगा है, हिंदुत्व और देश की राजनीति को नई दिशा देने का काम हुआ है। बताया गया कि विहिप 1966 से लेकर 2013 तक लगने वाले सभी कुंभ में मंदिर निर्माण, गो, गंगा के लिए कार्यक्रम तय हुए हैं। एक बार फिर उसके आगे की रणनीति बनाई जा रही है। बताया कि 1989 के कुंभ में शिला पूजन और राम जन्म भूमि का आंदोलन तय हुआ जो दुनिया का सबसे बड़ा आंदोलन रहा।
बैठक के पहले दिन दिन चर्चा हुई कि इस कुंभ अयोध्या में मंदिर निर्माण करने का संकल्प पूरा हो इसके लिए 6 अप्रैल से शुरू किए जाने वाले रामनाम जनजागरण को देशव्यापी आंदोलन का शक्ल दिया जाएगा। इसमें छुआछूत और जाति से ऊपर उठकर सभी को एक साथ जोडऩे का संकल्प लिया गया है।
संकल्प लिया गया कि मंदिर उसी स्थान पर, उन्हीं शिलाओं से उसी नेतृत्व के जरिए बनाया जाएगा। इस दौरान शंकराचार्य स्वरूपानंद के 21 फरवरी को मंदिर शिला पूजन की घोषणा का भी उपहास किया गया। कहा गया कि कुछ लोग इसके समनांतर कुछ करना चाहते है। इस मौके पर विहिप के क्षेत्र संगठन मंत्री अंबरीश ने संगठन का संचालन बस्तियों में भी किया जाए। बस्तियों में बनाई जाने वाली समितियों में कार्यकर्ताओं की संख्या 2000 तक होनी चाहिए। दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन मुकेश, विमल प्रकाश, राजेश और भोलेंद्र ने भी हिंदुत्व को आगे बढ़ाने पर अपनी बात रखी।