कुंभ में इस बार कई इतिहास रचा जा रहा है। मौनी अमावस्या पर 5 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। शहर में श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी ज्यादा बढ़ गई की 5 फरवरी को भी पहली से बारहवीं तक स्कूल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
24 जनवरी को कुंभ मेला क्षेत्र में तीन हजार से ज्यादा प्रवासी भारतीय पहुंचे। कुंभ में 29 जनवरी को एक और इतिहास रचा गया। पहली बार लखनऊ से बाहर कुंभनगरी में आयोजित की गई प्रदेश कैबिनेट की पहली बैठक में दुनिया के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे को मंजूरी दी गई। 31 जनवरी को कुंभ मेले में विहिप की धर्मसंसद में दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किए गए तो धर्मसंसद के आखिरी दिन 1 फरवरी को राम मंदिर निर्माण का प्रस्ताव रखा गया। मोहन भागवत ने मोदी सरकार को छह माह का समय दिया।
कुंभ मेला विधिवत रूप से अपनी एक माह की धार्मिक यात्रा पर आगे बढ़ रहा है। इसी के साथ मेला क्षेत्र में बड़े धार्मिक आयोजन भी किए जा रहे हैं। हर तरफ मानवता, सेवा और संस्कार की सीख लेने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। कहीं रामकथा तो कहीं लीलाओं का मंचन हो रहा है। संगम तीरे से लेकर शिविरों तक सांस्कृतिक-आध्यात्मिक गरिमा की गूंज सुनाई दे रही है।
आज महाकुंभ का 22वां दिन है और ये हैं आज कुंभ नगर में होने वाले विशेष आयोजन:-
1- प्रभु प्रेमी संघ शिविर सेक्टर 14 में भजन संध्या शाम को।
2-
श्रीगुरुकार्ष्णि कुंभ मेला शिविर सलोरी, गोविंदपुर मार्ग, सेक्टर 7 में स्वामी ज्ञानानंदजी द्वारा गीता प्रवचन 5-9 फरवरी तक।
3- मेला सेक्टर 13 में देवकी नंदन ठाकुर का प्रवचन दोपहर 1 बजे से।
4-
मेला क्षेत्र सेक्टर 13 में यथार्थ गीता शिविर में भागवत कथा दोपहर 1 बजे से।