संगम की रेती पर पधारे कई संत हाईटेक भी हैंं। इनमें कई शंकराचार्य और संत-महात्मा कुंभ से जुड़े विचार और फोटो को अपने ट्विटर पर भी पोस्ट कर रहे हैं। कुछ बातों को हैस टैग लगाकर भी लिखा जा रहा है।
गोवर्धन पीठाधीश्वर स्वामी निश्वानंद ऐसे पहले शंकराचार्य हैं, जिन्होंने अपना ट्विटर एकाउंट बना रखा है। गोवर्धन मठ के नाम से भी उनका ट्विटर एकाउंट है। ज्यादातर बातें वह मठ वाले एकाउंट पर ही लिखते है। अपने पर्सनल ट्विटर एकाउंट पर अभी उन्होंने जो लिखा है वह काफी रोचक है। लिखा है कि यदि मेरे शिष्य बनना है तो इस कार्य में तत्परता से जुट जाओ। शंकराचार्य के अभी सिर्फ 46 फालोवर है।
इसी तरह जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद अपने ट्विटर एकाउंट पर नियमित पोस्ट करते रहते हैं। कुंभ के शाही स्नान पर भी उन्होंने लिखा है कि भारत की कालजयी-मृत्युंजयी संस्कृति की दिव्य अभिव्यक्ति कुंभ पर्व, प्रयागराज 2019 के अंर्तगत प्रथम शाही स्नान एवं मकर संक्रांति के कल्याणकारी, मोक्षदायक पर्व काल पर पुण्यार्जन हेतु पधारे संत-सतपुरुषों एवं साधकगणों का हाॢदक अभिनंदन। शाही स्नान के बाद फिर उन्होंने लिखा कुंभ पर्व भारत की सामाजिक-समरसता, सांस्कृतिक एकता और दिव्यता की अनुपम अभिव्यक्ति है।
सबसे ज्यादा फालोअर बाबा रामदेव के है। वह जनवरी के आखिरी सप्ताह में यहां गुरुशरणानंद के आश्रम में आने वाले हैं। बाबा के फालोअर की संख्या करीब 17 लाख है। वह भी रोजना ट्विटर पर अपने विचार पोस्ट करते रहते हैं। इसी तरह स्वामी चिंदानंद मुनि का व्यक्तिगत और उनके आश्रम परमार्थ निकेतन के नाम से ट़्विटर एकाउंट है। परमार्थ निकेतन के एकाउंट पर उन्होंने मकर संक्रांति के अवसर पर कुंभ स्नान की अपनी तस्वीर भी पोस्ट की है।
इसके अलावा कई संतों ने अपने व्हाट्एप ग्रुप और फेसबुक पेज बनाकर कुंभ से जुड़ी जानकारियां लगातार फोटो के साथ पोस्ट कर रहे हैं। स्वामी हंसदेवाचार्य का जगन्नाथ ट्रस्ट, शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती के आदि शंकराचार्य सुमेरुपीठ नाम के व्हाट्एप ग्रुप पर कुंभ से जुड़ी तमाम जानकारियां मिल जाएंगी। इसी तरह आर्ट आफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर भी ट्विटर पर रोजाना पोस्ट करते रहते है। वह भी अमावस्या स्नान तक कुंभनगरी में पहुंच जाएंंगे।