कुंभ मेले की भव्यता की चर्चा यूरोप में भी खूब हो रही है। इतने बड़े आयोजन को करीब से देखने की उत्सुकता कुंभ की ओर खींच रही है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में यूरोप के देशों के नागरिक मेला देखने, आध्यात्म और योग की जानकारी लेने के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं। इन्हीं में से एक स्पेन के मजोरका शहर से कुंभ में आस्था की डुबकी लगाने आए योग प्रशिक्षक एलिस और शिक्षक सेबत ने बुधवार को अमर उजाला से अपने अनुभव साझा किए।
एलिस ने बताया कि कुंभ मेला दुनिया भर के लोगों के साथ यूरोपियन के लिए भी किसी बड़े आश्चर्य से कम नहीं हैं। दुनिया के कई देशों की जनसंख्या से भी अधिक लोगों के एक जगह जुटने और संगम में डुबकी लगाने के मौके को देखना कोई छोड़ना नहीं चाहता।
जो लोग इस आयोजन को देखने भारत नहीं आ सके हैं, वह सोशल मीडिया के जरिए इस दुर्लभ आयोजन के साक्षी बन रहे हैं। उनके देश में सोशल मीडिया पर लॉ टोमैटीना (टमाटरों से होली खेलने का स्पेन का पारंपरिक त्योहार) से भी ज्यादा कुंभ की चर्चा है। वह कुंभ की शुरुआत से ही प्रयागराज में हैं।