पिता की दो शादियां और घर में एक नहीं दोनों माताएं, किसी के लिए दुविधा हो सकती है, लेकिन कुशीनगर से आए मनीष ने 9 5 वर्ष की मां को गोद में उठाया और दूसरी को हाथ पकड़कर दूध का कर्ज अदा किया। इन तीनों के साथ आई बहू ने भी अपनी सासु माताओं को पुण्य की डुबकी लगवाने में सहयोग किया।
कुशीनगर से आए मनीष सिंह सोमवार शाम संगम नोज पहुंचे थे। उनके साथ थीं मां दुजिया देवी (95) और दूसरी मां ठेकन देवी(68) । मां दुजिया को उन्होंने पत्नी मीरा देवी के सहयोग से गोद में उठाया और दूसरी मां ठेकनी का हाथ पकड़कर संगम तक ले गए और स्नान कराया।
चलने फिरने में लाचार दुजिया देवी डुबकी लगाने के बाद बेटे मनीष को आशीष देती नहीं थक रही थीं। उन्होंने टूटी फूटी आवाज में बताया कि बस गंगा मइय्या एक पोता (पौत्र) और दे दे। मनीष ने बताया कि उनके एक बेटा और एक बेटी है, अब मां की इस इच्छा के बारे में वह नहीं जानते थे। यहीं पता चला है। वहीं ठेकन देवी भी अपनी जीजी दुजिया की मनोकमाना से सहमति जताती रहीं।
मनीष ने बताया कि उनके पिता ने दो शादियां की थीं लेकिन जब उन्होंने होश संभाला तो उन्हें दोनों में कभी फर्क नहीं महसूस हुआ। पिता असमय स्मृति शेष हो गए तो माताओं ने ही उनका लालन पालन किया। अब उनकी इच्छा कुंभ में प्रयागराज आकर संगम स्नान की रही, जो उन्होंने पूरा कर दिया।