मौनी अमावस्या पर यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं। इसी के तहत आज यानि सोमवार को शास्त्री पुल पर आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है। आज इस पुल पर लोग नहीं जा सकेंगे। आकस्मिक स्थिति के लिए इस मार्ग को रिजर्व रखा गया है।
इसके अतिरिक्त नए यमुना पुल पर एक दिन पहले यानि शनिवार से ही आवागमन रोक दिया गया। इस पर सिर्फ आकस्मिक सेवाओं के आवागमन की ही अनुमति दी जा रही है। पुलिस अफसरों ने बताया कि मेला क्षेत्र में रविवार रात से ही ई-रिक्शा का संचालन प्रतिबंधित कर दिया गया। उधर, जौनपुर की तरफ से आने वाले श्रद्धालुओं को उत्तरी झूंसी अंतर्गत सेक्टर 5, 13, 14 व 15 के व वाराणसी की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दक्षिणी झूंसी के सेक्टर 16 व 17 में बने घाटों पर स्नान की सुविधा होगी।
फाफामऊ पुल पर सिर्फ शहरियों के वाहन चलेंगे
फाफामऊ की तरफ, लखनऊ या प्रतापगढ़ की ओर से यूपी 70 रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों के अतिरिक्त अन्य सभी वाहनों का चन्द्रशेखर सेतु पर शहर की ओर आना रविवार से ही प्रतिबन्धित कर दिया गया। कानपुर की तरफ से आने वाले वाहन भी रविवार से ही कोखराज से डायवर्ट कर बेला कछार पार्किंग में भेजे गए। जहां से स्नानार्थियों ने सेक्टर-06 व 07 के स्नान घाटों पर स्नान किया और यही व्यवस्था सोमवार को भी रहेगी। सेक्टर 06 व 07 के स्नान घाटों पर भीड़ अधिक होने पर कानपुर से आने वाले वाहनों को कोखराज से डायवर्ट करके सीधे सहसों बाई-पास होकर चीनी मिल, पूरे सूरदास व समयामाई पार्किंगों में भेजा जाएगा। उधर चन्द्रशेखर सेतु से होकर आने वाले वाहन वापसी में धूमनगंज होते हुए कानपुर मार्ग से जाएंगे।
पुराने पुल पर चलेंगे वीआईपी वाहन
इसी तरह आकस्मिक सेवाओं के अतिरिक्त अन्य समस्त वाहनों का नये यमुना ब्रिज पर आवागमन रविवार से ही प्रतिबन्धित कर दिया गया। पुराने यमुना ब्रिज पर सोमवार को वीआईपी (मा0 न्यायाधीश आदि) एवं आकस्मिक सेवाओं से सम्बन्धित वाहनों के साथ ही यूपी 70 रजिस्ट्रेशन वाले वाहन ही चल सकेंगे। उधर, अरैल घाट की तरफ वाहनों की पार्किंग के लिए रविप्रयागम, एग्रीकल्चर इन्स्टीट्यूट, देवरख से स्नान घाट हेतु पैदल तथा सरस्वती हाईटेक सहित धनुहा, एफ.सी.आई. के पार्किंगों से मेला क्षेत्र के निकट तक ई-रिक्शा द्वारा श्रद्धालुओं के जाने की सुविधा उपलब्ध होगी। अफसरों ने बताया कि श्रद्धालु जिस क्षेत्र से आ रहे हैं, वह भीड़ के बचने के लिए उसी क्षेत्र में बने घाटों पर स्नान करें।