अखण्ड महायोग में महारत रखने वाले स्वामी अखण्डानन्द ने मंगलवार को कहा कि लोगों को योग के नाम पर भ्रमित किया जा रहा है। योग केवल आसन और प्राणायाम तक ही सीमित नहीं, बल्कि ये अष्टांग योग के अंग हैं और योग करने की क्षमता लाने के लिए हैं।
कुम्भ मेला के सेक्टर 6 स्थित शिविर में स्वामी अखण्डानन्द ने संवाददाताओं से कहा कि स्वस्थ शरीर ही योग को प्राप्त कर सकता है और महायोग की ओर जा सकता है। बाबा गुरु गोरक्षनाथ का मार्ग आज भी साधक को पूर्ण अखंड महायोग में ले जाने में समर्थ है।
उन्होंने कहा कि दुनिया जब योग आसन पर लट्टू है और यदि वास्तविक योग को दुनिया जानेगी तो भारत पुनः विश्व गुरू बन जाएगा। कुण्डलिनी शक्ति को जाने बगैर योग नहीं हो सकता।