पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के महामंडलेश्वरों का कुनबा और बढ़ा। शुक्रवार को साध्वी संविधानंद सरस्वती का अखाड़े की रीति एवं परंपरा के अनुसार महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक किया गया। अखाड़े के पुरोहित पंडित गंगाधर दुबे के आचार्यत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनका अभिषेक करते हुए छत्र एवं चंवर प्रदान किया गया। बता दें मुंबई की साध्वी संविधानंद ने वेद वेदांत के अध्ययन सहित शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया है।
अखाड़े के सचिवों और आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद जी महाराज और अटल पीठाधीश्वर स्वामी विश्वात्मानंद जी महाराज ने उन्हें चादर ओढ़ाकर अपना आशीर्वाद दिया। चादरविधि के तहत महानिर्वाणी सहित सभी तेरह अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने भी चादर ओढ़ाकर उन्हें अपना समर्थन और आशीर्वाद दिया। स्वामी चिदंबरानंद जी की शिष्या साध्वी संविधानंद सरस्वती ने चादरविधि के बाद अखाड़े की परंपरा के पालन का संकल्प और गुरु का आशीर्वाद लिया।
फिर उन्होंने अखाड़े के देवता का आशीर्वाद लेते हुए पुकार के तहत ‘भेंट’ चढ़ाई। बाद में सभी ने एक साथ भोजन प्रसाद ग्रहण किया। इसी के साथ महानिर्वाणी के महामंडलेश्वरों की संख्या साठ तक जा पहुंचीं। कुंभ मेला क्षेत्र स्थित छावनी में हुए समारोह में अखाड़े के श्रीमहंत रामसेवक गिरि, श्रीमहंत यमुना पुरी, श्रीमहंत रवींद पुरी, श्रीमहंत दिगंबर रघुराज गिरि, दिगंबर शिवआनंद पुरी, दिगंबर प्रमोद पुरी आदि के अतिरिक्त सभी तेरह अखाड़ों के प्रतिनिधि, संत-महंत शामिल थे।