राम मंदिर निर्माण की तिथि घोषित होने के इंतजार में विहिप के धर्म संसद में बैठे संतों का धैर्य जवाब दे गया और संघ प्रमुख मोहन भागवत के संबोधन के बाद उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। मंदिर की तिथि घोषित करने की मांग को लेकर उन्होंने हंगामा किया। इस दौरान जमकर धक्का मुक्की हुई। कई संतों और कार्यकर्ताओं को धक्का देकर पांडाल से बाहर निकाला गया। करीब 15 मिनट तक चले हंगामा की वजह से अफरा तफरी मच गई। हालांकि, वक्ताओं ने अपना संबोधन जारी रखा।