कुंभ मेले के मद्देनजर देश के विभिन्न प्रांतों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने छह भाषाओं में एनाउंसमेंट करवाना शुरू कर दिया है। इसमें दक्षिण भारत में बोले जाने वाली भाषाएं प्रमुख रूप से शामिल की गई हैं। अभी यह एनाउंसमेंट मैनुअली किया जा रहा है। इसके लिए रेलवे एक सॉफ्टवेयर विकसित किया है। इसमें उद्घोषक हिंदी में सूचनाएं देता है और सॉफ्टवेयर के माध्यम से वही सूचना तमिल, मलयालम, कन्नड़, गुजराती, मराठी एवं अंग्रेजी में अनुवादित की जाती है।
उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) प्रशासन का दावा है कि देश में पहली बार इस तरह की सुविधा का लाभ प्रयागराज में आने वाले श्रद्धालुओं को दिया जा रहा है। शीघ्र ही रेलवे इन छह भाषाओं के साथ उड़िया, तेलगू और बांग्ला में भी हिंदी एनाउंसमेंट का स्वचालित अनुवाद सॉफ्टवेयर के माध्यम से शुरू कर देगा। अभी यह व्यवस्था जंक्शन पर ही है, लेकिन 21 जनवरी से नैनी, इलाहाबाद छिवकी के साथ मेला क्षेत्र में रेलवे के शिविर में भी शुरू कर दी जाएगी। इस बारे में एनसीआर के सीपीआरओ गौरव कृष्ण बंसल का कहना है कि मेले में देश के विभिन्न प्रांतों के लोग आ रहे हैं।
बहुत से ऐसे हैं जिन्हें हिंदी समझ में नहीं आती। इसके लिए एनसीआर के वाणिज्य विभाग ने आर्टिफिशियल इंटलीजेंस आधारित एक प्रणाली बनाई। इसके माध्यम से हिंदी में दी जाने वाली जरूरी सूचनाओं को संबंधित भाषाओं में अनुवाद हो जाता है। और जरूरी सूचनाएं संबंधित यात्रियों तक पहुंच जाती हैं। उन्होंने बताया कि अब एनसीआर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर आधारित फेस टू फेस इनक्वायरी सिस्टम विकसित करने की योजना बना रहा है। इसका उपयोग गैर हिंदी भाषी यात्रियों द्वारा स्टेशनों के पूछताछ काउंटर पर काम करने वाले कर्मियों से उनके सवालों के जवाब पाने के लिए किया जा सकेगा।