कुंभ मेले के सबसे बड़े स्नान पर रेलवे और रोडवेज ने अपने अब तक के सारे रिकार्ड तोड़ दिए। संगम नहाने आए श्रद्धालुओं को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रेलवे ने जहां दिन भर में सौ से ज्यादा स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर किया तो वहीं, यूपी रोडवेज ने भी अपनी क्षमता से ज्यादा 6500 बसें विभिन्न रूटों के लिए चलाई।रात आठ बजे तक ही रेलवे 99 स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर चुका था, जबकि रात 12 बजे तक 120 स्पेशल ट्रेनों का संचालन करने का रेलवे ने दावा किया।
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mauni amavasya devotees crowd
सभी ट्रेनें और बसें यात्रियों से भरी गई। इलाहाबाद जंक्शन की बात करें तो यहां सुबह पांच बजे से ही स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया। सुबह सबसे पहले कानपुर के लिए स्पेशल ट्रेन भेजी गई। इसके बाद दीन दयाल उपाध्याय (मुगलसराय), झांसी, बांदा रूट आदि के लिए ट्रेनें चलाई गई। उधर प्रयाग जंक्शन से भी लखनऊ, अयोध्या, फैजाबाद आदि के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई गई। जबकि पूर्वोत्तर रेलवे के इलाहाबाद सिटी, झूंसी से रेलवे ने मंडुवाडीह, छपरा, भटनी, गोरखपुर के लिए स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया।
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सुबह प्रयाग जंक्शन पर यात्रियों का लोड ज्यादा बढ़ा। दोपहर तक स्थिति विकट हुई तो एडीआरएम एके द्विवेदी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान लल्ला चुंगी पर ट्रैफिक रोक दिया गया। उधर जंक्शन पर भी मैसेज किया गया कि लखनऊ रूट के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई जाए। बाद में जंक्शन से लखनऊ, वाराणसी, फैजाबाद रूट के लिए अतिरिक्त ट्रेनें चलाई गई, जबकि इन ट्रेनों का जंक्शन से चलाए जाने का कार्यक्रम नहीं था।
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kumbh 2019
इस बीच डीआरएम अमिताभ, एडीआरएम अनुराग गुप्ता, सीनियर डीसीएम नवीन दीक्षित समेत जिला प्रशासन के तमाम अफसर कंट्रोल टावर में डटे रहे। यहां से शहर के सभी स्टेशनों के साथ मेला क्षेत्र से आने वाली भीड़ के हिसाब से स्पेशल ट्रेन विभिन्न स्टेशनों के लिए दिन भर चलाई जाती रहीं। इलाहाबाद जंक्शन, इलाहाबाद सिटी, प्रयाग जंक्शन, इलाहाबाद छिवकी, नैनी जंक्शन से 52 स्पेशल ट्रेनें पूर्व में घोषित समय सारिणी के हिसाब से चलाई गई। शेष अन्य ट्रेनों का संचालन भीड़ के हिसाब से हुआ।
उधर यूपी रोडवेज ने भी शहर के बाहर बनाए गए अस्थायी बस स्टेशनों से बसों का संचालन किया। इस बीच भीड़ बढ़ने पर दोपहर में बैंक रोड में लखनऊ, फैजाबाद रूट की और सिविल लाइंस चर्च के पास कानपुर, उरई, झांसी और बुंदेलखंड के विभिन्न जिलों की ओर जाने वाली बसों का संचालन किया गया। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक डा. हरिशचंद्र यादव के मुताबिक 6500 बसों का संचालन दिन भर में किया गया।