दिव्य और भव्य कुंभ के आखिरी शाही स्नान पर सरकारी गाड़ियों की भी शाही सवारी निकली। इस शाही सवारी में कोई साधु-संत नहीं, बल्कि कुछ प्रभावशाली अफसरों के करीबी थे। सिर्फ सरकारी गाड़ियां ही नहीं, एंबुलेंस भी दिनभर संगम के आसपास दौड़ती नजर आईं। मेला क्षेत्र के अस्पतालों में जितने मरीज पहुंचे, उससे कहीं अधिक फेरे एंबुलेंस ने लगाए। मेला प्रशासन और पुलिस की गाड़ियां तो दिनभर संगम पर आती जाती रहीं। ये उन अफसरों की गाड़ियां थीं, जिन्होंने फरमान जारी किया था कि वसंत पंचमी के स्नान पर्व से एक दिन पहले से लेकर एक दिन बाद तक मेला क्षेत्र में वाहन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे। हालांकि मुख्य स्नान पर्व वाले दिन ही अफसरों ने अपनी ही बनाई योजना को ध्वस्त कर दी।