इनके हाथ कभी जुर्म से रंगे थे। लेकिन अब इनके हुनर को देखकर हर कोई हैरान है। इनकी बनाई पेंटिंग, फर्नीचर पर की गई कारीगरी ऐसी है कि बड़े-बड़े कारीगर मात खा जाएं। हम बात कर रहे हैं उन बंदियों की, जिनके बनाए उत्पादों को देखने व खरीदने के लिए मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। मेला क्षेत्र में त्रिवेणी मार्ग के पास लगी इस प्रदर्शनी में सुबह से लेकर शाम तक श्रद्धालुओं का जमावड़ा होता है। यहां विभिन्न जेलों में बनाई गई 60 से ज्यादा सामग्रियों व उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है। यह सभी चीजें जेलों में निरुद्ध बंदियों ने बनाई हैं।