राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के बड़े भाई एवं पीस ऑफ इंडिया संगठन के संरक्षक राम स्वरूप कोविंद ने बृहस्पतिवार को सप्तऋषि का नाम लेकर संगम में डुबकी लगाई। उनके साथ उनकी दोनो बेटियों शकुंतला और कमलेश के साथ पुत्र करन भारती ने भी डुबकी लगाई। संगम स्नान के बाद उन्होंने अपने गुरू एवं महानिर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर प्रखर जी का आशीर्वाद भी लिया।
बुधवार की शाम ही मध्य प्रदेश के गुना जिले से राष्ट्रपति के बड़े भाई राम स्वरूप कोविंद महामंडलेश्वर प्रखर जी के कुंभ मेला स्थित शिविर पहुंचे। रात्रि प्रवास उन्होंने अपने परिजनों के साथ शिविर में ही किया। सुबह संत आनंद ब्रह्मचारी के नेतृत्व में उन्होंने सपरिवार संगम स्नान किया। स्नान बाद प्रखर जी महाराज का आशीर्वाद लेने के बाद उन्होंने अमर उजाला से भी बात की।
पूछा गया कि रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति बनने की खबर उन्हें कब मिली तो उन्होंने कहा कि इस एलान के एक दिन पहले तक मुझे और मेरे छोटे भाई रामनाथ कोविंद को इसकी कोई खबर नहीं थी। जब बिहार के राजभवन में दिल्ली से यह संदेश आया तो निश्चित ही उस समय जो खुशी मिली, उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकते। एजी ऑफिस मध्य प्रदेश से वर्ष 2000 में रिटायर हुए राम स्वरूप कोविंद ने कहा कि ‘परमात्मा का सृजन है कि मैं रामनाथ कोविंद का भाई हूं, इसमें मेरा कोई अर्जन नहीं है।’
पांच भाईयों में सबसे छोटे राष्ट्रपति कोविंद के बारे में उनके भाई ने बताया कि वह शुरू से ही बहुत मेहनती रहे हैं। उनकी सादगी और विनम्र स्वभाव की हर कोई मिसाल देता है। रामस्वरूप कोविंद ने बताया कि वह तीसरे नंबर के भाई है। दो बड़े भाइयों का स्वर्गवास हो चुका है। इसके पूर्व प्रखर जी के आश्रम में शिविर संचालक आचार्य डा. बृजेश शास्त्री, पीस ऑफ इंडिया नारी शक्ति की राष्ट्रीय अध्यक्ष रीता सोढ़ी, लक्ष्मी बहुगुणा, स्निग्धा अग्रवाल आदि मौजूद रहे।