कुंभ मेला क्षेत्र में खूब भंडारे चल रहे हैं, लेकिन इसमें भोजन करने के लिए शहर के प्रतियोगी छात्र बाकायदा प्लानिंग करते हैं। छात्रों का एक ग्रुप सुबह से ही मेला क्षेत्र में चलने वाले भंडारों की सूचना गूगल पर सर्च करता है। फिर उसको व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजा जाता है। इस ग्रुप से जुड़े सैकड़ों छात्र अपने साथियों को सूचित करते हैं और सभी मेले में अपनी नजदीक की लोकेशन वाले भंडारे में पहुंच जाते हैं। छात्रों को भी दोनों टाइम के भोजन बनाने से मुक्ति मिली हुई है, साथ ही बचत भी हो रही है।
हरे राम हरे कष्णा, अन्नपूर्णा, ओम नम: शिवाय आदि संस्थाओं की ओर से भंडारे में छह-सात हजार छात्र प्रतिदिन प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। कुंभ मेले के सेक्टर 7 में ओम नम: शिवाय भंडारे में प्रतियोगी छात्र नियमित रूप से सुबह-शाम लंबी कतार में शामिल नजर आ जाएंगे। छोटा बघाड़ा, सलोरी, दारागंज आदि क्षेत्रों में रहने वाले प्रतियोगी छात्र भंडारे का खूब लाभ उठा रहे हैं।
सलोरी स्थित माधुरी लाज में रहले वाले सुधीर कुमार बताते हैं कि कई परीक्षाओं की तिथि निकट आ गई है, ऐेसे में कुंभ में चलने वाले भंडारे फायदेमंद साबित हो रहे हैं। इसके अलावा सैर-सपाटा भी हो जाता है। बघाड़ा के सोनू लॉज में रहने वाले रोहित सरोज का कहना है कि भले ही सरकार छात्रों को नौकरी न दे रही हो, लेकिन कुंभ मेले के भंडारे का फायदा प्रतियोगी छात्रों को हो रहा है। स्वादिष्ट भोजन भी मिलता है और बचत भी होती है।