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कुंभ में गूंजी पद्मभूषण पं. छन्नूलाल की ठुमरी, चैती-होरी से सजी शाम

Mon, 28 Jan 2019 10:37 AM IST
vivek shukla न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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पद्मभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र
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पद्मभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र ने रविवार की शाम कुंभ की फिजा में सुरों की चासनी घोल दी। उन्होंने बनारसी ठुमरी की लोच के संग दादरा, चैती और होरी की एक से बढ़कर एक बंदिशें पेश कीं। सेक्टर-14 स्थित जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद के प्रभु प्रेमी संघ के शिविर में उनको सुनने के लिए संतों-भक्तों की भीड़ लगी रही।

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पं. छन्नूलाल मिश्र ने शुरुआत की राग नट भैरव से। गणेश वंदना के बाद ठुमरी, चैती और दादरा सुनाकर प्रभु प्रेमियों को उन्होंने मंत्रगुग्ध कर दिया। उन्होंने तबले की थाप पर तराना पेश किया। बोल थे- भजो रे मन राम गोविंद हरि... शंकर शिव दानी भोलानाथ...।

इसके बाद ठुमरी- लागे तोसे नैन... को सुरों से सजाकर उन्होंने संगीत प्रेमियों को मुग्ध किया। काशी नगरी की महिमा अपरंपार शिव के दरबार बा ना के बाद गंगा महिमा जय -जय भगीरथ नंदिनी की प्रस्तुति की। इसके बाद चैती और अंत में अपनी मशहूर होरी -खेलें मसाने में होरी दिगंबर... को सुनाकर तालियां बटोरीं।
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इस मौके पर प्रभु प्रेमी संघ शिविर की अधिशासी प्रभारी महामंडलेश्वर स्वामी नैसर्गिका गिरि जी, महामंडलेश्वर स्वामी अपूर्वानंद, रोहित माथुर, प्रतीक त्रिवेदी, विवेक ठाकुर, स्वामी कैलाशानंद गिरि, महेंद्र लाहौरिया, अलका सिंगला, सुरेंद्र सराफ, सांवरमल तुलस्यान सहित बड़ी संख्या में संत-भक्त उपस्थित थे। 

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