कुंभ मेले के प्रमुख स्नान पर्व और उसके एक दिन पहले एवं एक दिन बाद श्रद्धालुओं को फ्री में शटल बस की सवारी के फैसले से जिला प्रशासन पलट गया है। जिला प्रशासन ने अब सिर्फ स्नान पर्व के दिन ही श्रद्धालुओं को फ्री में शटल बस में सफर करवाने की बात कही है। कुंभ के दूसरे स्नान पर्व पौष पूर्णिमा से इसे लागू कर दिया जाएगा।
इस स्नान पर्व के एक दिन पहले एवं एक दिन बाद शटल बस में सफर करने वाले श्रद्धालुओं से रोडवेज किराया वसूलेगा। दरअसल कुंभ मेला शुरू होने के पूर्व एलान किया गया था कि भी स्नान पर्व और उसके एक दिन पहले एवं एक दिन बाद शटल बस में सफर करने वाले श्रद्धालुओं से किराया नहीं लिया जाएगा। मकर संक्रांति पर 14 एवं 15 जनवरी को यह व्यवस्था लागू रही, लेकिन 16 जनवरी को रोडवेज ने शटल बस में सफर करने वाले श्रद्धालुओं से किराया लेना शुरू कर दिया।
अब कुंभ का दूसरा महत्वपूर्ण स्नान पर्व पौष पूर्णिमा के अवसर पर 21 जनवरी को है। पुराने आदेश के तहत 20 से 22 जनवरी तक शटल बसों में सफर करने वाले श्रद्धालुओं से रोडवेज को किराया नहीं लेना था, लेकिन अब रोडवेज सिर्फ 21 जनवरी को ही शटल बस में सफर करने वाले यात्रियों से किराया नहीं लेगा।
इस स्नान पर्व के एक दिन पूर्व एवं एक दिन बाद सफर करने वाले श्रद्धालुओं को किराया देना होगा। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक डा. हरिशचंद्र यादव का कहना है कि जिला प्रशासन के निर्देश पर ही अब 21 जनवरी को शटल बस में सफर करने वाले श्रद्धालुओं से किराया नहीं लिया जाएगा। बाकी दोनों दिवसों में किराया लिया जाएगा। स्नान पर्व के दिन कुल 500 शटल बसों का संचालन विभिन्न रूटों के लिए होगा।