वसंत पंचमी के स्नानपर्व के बाद अखाड़े और माघी पूर्णिमा पर डुबकी लगाने के बाद कल्पवासियों का भी संगम की रेती से विदा होने का क्रम आरंभ हुआ लेकिन किन्नर अखाड़ा अब भी गुलजार है। दरअसल किन्नर अखाड़े की ओर से महाशिवरात्रि स्नानपर्व के अगले दिन पांच मार्च को ‘आभार यात्रा’ निकालने के बाद रेती से विदा होने का निर्णय लिया गया है।