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Kumbh 2019: पापों से मुक्ति की आस लेकर बस रहे कल्पवासी, सो रहा खाद्य रसद विभाग 

Wed, 16 Jan 2019 10:38 PM IST
shubham न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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Kalpwasi
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आस्था की नगरी तीर्थराज प्रयागराज में कल्पवास का अलग ही महत्व है। माना जाता है कि यहां माह भर कल्पवास करने से व्यक्ति के समस्त पापों का नाश हो जाता है। इसी मंशा को लेकर कल्पवासियों ने अपने परिवार के साथ माह भर बसने की तैयारी कर ली है। कोई कल्पवासी पहली बार कल्पवाास कर रहा है तो कोई कई वर्षों से कल्पवास करता आ रहा है। इस बारे में कल्पवासियों से बातचीत की तो उन्होंने अपने अनुभवों को साझा किया और इसका महात्म्य भी बताया।

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सेक्टर 15 में कल्पवास कर रही फाफामऊ की शीला मिश्रा ने बताया कि परिवारजनों की भलाई और पापों से मुक्ति के लिए सोलह वर्षों में मेला क्षेत्र में कल्पवास कर रही हूं। मैने बारह वर्ष पति के साथ कल्पवास किया। पति के गुजरने के बाद सजिया दान किया। इसके बाद कल्पवास निरंतर कर रही हूं। जिसका लाभ परिवारजनों को मिल रहा है। इसी सेक्टर की निवासी कमला देवी पाण्डेय प्रतापगढ़ की रहने वाली हैं। इनका कहना है कि बगैर किसी मोहमाया के निस्वार्थ भाव से कल्पवास कर रही हूं। मध्यप्रदेश के रहने वाले बृजभान सेक्टर चार में कल्पवास कर रहे हैं।

इनका कहना है कि तीर्थराज में सभी देवी-देवताओं का वास होता है। यहां पर कल्पवास कर अलग सुख मिलता है। शिया नायक ने बताया कि आस्था के इस क्षेत्र में कल्पवास एक नया जीवन देता है। गंगा मइया के आशीर्वाद के साथ सभी देवी देवताओं की कृपा रहती है, जिससे परिवार सुखमय जीवन व्यतीत करता है। नित्यानंद सेवा संस्थान के महंत डा. विक्रमगिरी कल्पवास के महत्व को बताते हुए कहते हैं कि शास्त्रों में उल्लेखित है कि जो कल्पवासी माह भर का कल्पवास करता है, उसे संन्यासी होने का पूरा फल मिलता है। इसके लिए हर कल्पवासी सुबह स्नान, ध्यान के साथ सूर्य को अर्ध्य देता है। साथ ही सात्विक आहार ग्रहण करता है। इससे उसके समस्त पापों का क्षय हो जाता है।  

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मेले का खाद्य रसद विभाग गंभीर नहीं

मेले का खाद्य रसद विभाग राशन वितरण को लेकर कितना गंभीर है। इसका अंदाजा राशन कार्डों की स्थिति को देखकर सहज ही लगाया जा सकता है। कल्पवास सिर पर है, विभाग ने अभी तक करीब पांच हजार कल्पवासियों के लिए ही राशन कार्ड बना सका है। हालांकि अफसर बीस जनवरी तक राशन कार्ड का लक्ष्य पूरा करने का दावा कर रहे हैं।
 
कुंभ मेले में पौष पूर्णिमा पर्व के साथ ही कल्पवास की शुरुआत हो जाएगी। इस दिन कल्पवासी अपने धार्मिक रीतियों के अनुसार कल्पवास रखना प्रारंभ कर देंगे। इन कल्पवासियों को राशन सामग्रियों की कमी नहीं हो, इसके लिए खाद्य रसद विभाग ने मेला क्षेत्र के सभी सेक्टरों में 160 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों का आवंटन कर दिया है। जहां से कल्पवासियों को राशन उपलब्ध कराने की योजना है। इसके लिए 49 सेक्रेटरी और 3813 लेखपालों को लगाया गया है।

जो कैंपों से आने वाले कल्पवासियों का आधार कार्ड व फोटो लेकर राशन कार्ड बनाएगें। इतनी तैयारियों के बाद भी विभाग अब तक सिर्फ 6054 राशन कार्ड बना सका है। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी पारसनाथ ने बताया कि कल्पवासियों को राशन वितरण के लिए डेढ़ लाख कार्डों को बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसकी छपाई की कार्य पूरा करा लिया गया है। मांग होने पर इसकी संख्या बढ़ाई जाएगी। हालांकि राशन कार्ड बनाने का क्रम तीस जनवरी तक चलता रहेगा। 
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सरकारी दुकानों को 12 हजार क्विंटल खाद्य सामग्रियों का किया गया आवंटन

खाद्य रसद विभाग ने कल्पवासियों को राशन वितरण के लिए पहली निकासी का कार्य पूरा कर लिया है। विभाग ने 12800 क्विंटल खाद्य सामग्री सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों को भेज दिया है। अधिकारियों की मानें तो हर दुकान को 48 क्विंटल आटा, 32 क्विंटल चावल और 10 क्विंटल चीनी का आवंटन किया है। इसके बाद आवश्कतानुसार विपणन विभाग से खाद्य सामग्री की मांग की जाएगी।        

सेक्टरवार आवंटित दुकानों की संख्या
सेक्टर का नाम        दुकानों की संख्या
 एक                  2
दो व तीन            2
चार                 4
पांच                6
सात               10
ग्यारह             12
बारह              12
तेरह               12
चौदह             16
पन्द्रह             14
सोलह            6
सत्रह             6
अठ्ठारह         8
उन्नीस         10           
कुल          160
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