मेले का खाद्य रसद विभाग राशन वितरण को लेकर कितना गंभीर है। इसका अंदाजा राशन कार्डों की स्थिति को देखकर सहज ही लगाया जा सकता है। कल्पवास सिर पर है, विभाग ने अभी तक करीब पांच हजार कल्पवासियों के लिए ही राशन कार्ड बना सका है। हालांकि अफसर बीस जनवरी तक राशन कार्ड का लक्ष्य पूरा करने का दावा कर रहे हैं।
कुंभ मेले में पौष पूर्णिमा पर्व के साथ ही कल्पवास की शुरुआत हो जाएगी। इस दिन कल्पवासी अपने धार्मिक रीतियों के अनुसार कल्पवास रखना प्रारंभ कर देंगे। इन कल्पवासियों को राशन सामग्रियों की कमी नहीं हो, इसके लिए खाद्य रसद विभाग ने मेला क्षेत्र के सभी सेक्टरों में 160 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों का आवंटन कर दिया है। जहां से कल्पवासियों को राशन उपलब्ध कराने की योजना है। इसके लिए 49 सेक्रेटरी और 3813 लेखपालों को लगाया गया है।
जो कैंपों से आने वाले कल्पवासियों का आधार कार्ड व फोटो लेकर राशन कार्ड बनाएगें। इतनी तैयारियों के बाद भी विभाग अब तक सिर्फ 6054 राशन कार्ड बना सका है। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी पारसनाथ ने बताया कि कल्पवासियों को राशन वितरण के लिए डेढ़ लाख कार्डों को बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसकी छपाई की कार्य पूरा करा लिया गया है। मांग होने पर इसकी संख्या बढ़ाई जाएगी। हालांकि राशन कार्ड बनाने का क्रम तीस जनवरी तक चलता रहेगा।
खाद्य रसद विभाग ने कल्पवासियों को राशन वितरण के लिए पहली निकासी का कार्य पूरा कर लिया है। विभाग ने 12800 क्विंटल खाद्य सामग्री सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों को भेज दिया है। अधिकारियों की मानें तो हर दुकान को 48 क्विंटल आटा, 32 क्विंटल चावल और 10 क्विंटल चीनी का आवंटन किया है। इसके बाद आवश्कतानुसार विपणन विभाग से खाद्य सामग्री की मांग की जाएगी।
सेक्टरवार आवंटित दुकानों की संख्या
सेक्टर का नाम दुकानों की संख्या
एक 2
दो व तीन 2
चार 4
पांच 6
सात 10
ग्यारह 12
बारह 12
तेरह 12
चौदह 16
पन्द्रह 14
सोलह 6
सत्रह 6
अठ्ठारह 8
उन्नीस 10
कुल 160