कैबिनेट की बैठक में पूरी सरकार के कुंभनगर में जुटने से पहले सोमवार को काली मार्ग पर मुख्य पांटून पुल के पीपे धंस गए। इससे हड़कंप मच गया। पांटून धंसने के बाद सेक्टर-16 में अखाड़ों के शिविरों को जोडऩे वाले इस पुल पर यातायात रोक दिया गया। दिन भर मरम्मत के बाद देर रात इस पुल को खोला जा सका।
गंगा पर बने पांटून पुलों के धंसने और टेढ़ा होने का सिलसिला जारी है। पौष पूर्णिमा स्नान से पहले वीआईपी मेला क्षेत्र अरैल में पांटून पुल के धंसने के बाद अब काली मार्ग का भी पीपा धंस कर डेढ़ा हो गया। काली मार्ग का पांटून पुल अखाड़ों और प्रमुख आध्यात्मिक संस्थाओं को जोडऩे वाला मुख्य पुल है।
पांटून धंसने की जानकारी मिलने के बाद सुबह ही इस पर यातायात ठप करा दिया गया। अभियंताओं ने आनन-फानन में मरम्मत का काम शुरू कराया। दिन भर वैकल्पिक मार्गों से मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही होती रही। नाग वासुकि और जगदीश रैंप के पास से होकर मेला क्षेत्र में पहुंचते रहे।
सीएम योगी आदित्यनाथ के आगमन से पहले पांटून धंसने को लेकर अभियंताओं को पसीना आ गया। मुख्य अभियंता हिमांशु मित्तल के निर्देश पर दिन भर मरम्मत का काम किया गया। पीपा बदलने के साथ ही कई जगह नट-बोल्ट भी कसे गए। देर रात इस पांटून पुल की मरम्मत पूरी होने के बाद यातायात आरंभ कराया गया।