यहां दिन में आयोजित लंगर में पनीर टिक्का, शाही पनीर, मटर पनीर आदि में से कुछ न कुछ श्रद्धालुओं को नियमित रूप से तो मिलता ही है साथ में तंदूरी रोटी, छेने का रसगुल्ला, दाल फ्राई, फ्राइड राइस भी रहता है। शाम के मेन्यू में डोसा, इडली, सांभर, ढोकला आदि के साथ संतों को चाय और कॉफी भी पीने के लिए मिलती है।
सैकड़ों की संख्या में हर रोज संत एवं भक्त जन यहां लंगर खाने के लिए पहुंच रहे हैं। यहां जमीन में नहीं, बल्कि कुर्सी मेज लोगों को भोजन कराये जाने की व्यवस्था की गई है। इस बारे में सहज योगिनी का कहना है कि रात के समय हल्का ही भोजन करना चाहिए। इसी वजह से यहां प्रसाद के रूप में इडली, डोसा, ढोकला आदि को परोसा जा रहा है।