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कुंभ 2019: गेरुआ का ग्लैमर, महिलाएं बदलेंगी चोला, आज कई विदेशी बनेंगी संन्यासिनी

Wed, 06 Feb 2019 12:03 AM IST
shubham अनूप ओझा, अमर उजाला, प्रयागराज
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इसे गेरुआ वस्त्र का ग्लैमर कहें या मायामोह का त्याग। कुंभ में संन्यास ग्रहण करने में पुरुषों के मुकाबले महिलाएं पीछे नहीं हैं। बुधवार को जूना अखाड़े में देश ही नहीं दुनिया के कई देशों की महिलाएं संन्यास की दीक्षा लेंगी। इसके लिए मंगलवार को जूना अखाड़े के माईबाड़ा में दिन भर तैयारियां चलीं। पर्चियां कटवाई जाती रहीं। पंच गुरुओं के नाम तय किए जाते रहे। महिलाओं को संन्यासिनी बनाने के पांच संस्कार पूरे किए जाएंगे। कुंभ में अब तक 150 महिलाएं संन्यासिनी बन चुकी हैं। 

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जूना अखाड़े की अलग-अलग मढिय़ों से महिलाओं को संन्यासिनी बनाया जाएगा। इसके लिए दीक्षा संस्कार की रस्म शुरू हो गई है। रचना नामक युवती को मंगलवार को महंत मीरा पुरी ने संन्यास की दीक्षा दिलाई। सुबह ही संस्कार कराया गया। वेद अध्ययन के लिए इटली से आई तारा भी संन्यासिनी बनेंगी। तारा के लिए नए गेरुआ व श्वेत वस्त्र शाम को ही मंगा लिए। इनके अलावा दो दर्जन से अधिक महिलाएं बुधवार को माया मोह से अलग होकर विधि विधान के साथ संन्यास लेंगी। इन संन्यासिनियों को पंच गुरुओं की ओर से दीक्षा दिलाई जाएगी।

महंत मीरा पुरी ने बताया कि जिन महिलाओं को संन्यास दिलाया जाएगा, वह पिछले कई महीने या वर्ष भर से अपने गुरुओं के सानिध्य में बैरागी जीवन जी रही थीं। यह किसी न किसी गुरु की शिष्याएं बन चुकी हैं। अब उनको दीक्षा दिलाई जाएगी। अखाड़े की परंपरा के अनुसार इस दौरान पांच गुरु मिलकर एक संन्यासिनी के दीक्षा संस्कार को पूरा कराएंगे। मुहूर्त निकलवाया जा चुका है। आचार्य महामंडेश्वर संगम तट पर संन्यास संस्कार की दीक्षा दिलाएंगे। प्रयाग कुंभ में संन्यास सबसे अहम माना जाता है। 

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