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अकबर के किले को जनता के लिए दान कर दे सरकार: अखिलेश यादव

Sun, 27 Jan 2019 01:53 PM IST
vivek shukla न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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akhilesh
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अखाड़ा परिषद के आमंत्रण पर रविवार को कुंभ मेला पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने संगम में डुबकी लगाई। पवित्र त्रिवेणी की पूजा के बाद उन्होंने बड़े हनुमान के दर्शन किए। इससे पहले निरंजनी अखाड़े के शिविर में उन्होंने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि महाराज से मुलाकात की।

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यहां पत्रकारों से बातचीत में सपा अध्यक्ष ने कहा कि संगम की भूमि दान और त्याग की भूमि है। केंद्र की नरेंद्र मोदी और प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को उन्होंने सलाह दी कि वह इस कुंभ में अकबर के किले को आम जनता के लिए दान कर दें। इसके साथ ही गंगा, यमुना, अदृश्य सरस्वती की धारा में अहंकार का त्याग करने की सलाह भी दी। 
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव दोपहर 1:30 बजे सेक्टर 16 स्थित निरंजनी अखाड़ा पहुंचे। वहां स्वस्ति वाचन के साथ साधु-संतों, आचार्यों ने पुष्प-अक्षत से उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि से मुलाकात की। यहां समाजवादी पार्टी के नेताओं ने उनसे मिलने के लिए जमकर धक्कामुक्की की।

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सपाध्यक्ष ने पत्रकारों से कहा कि कुंभ में देश-दुनिया से लोग व्यवस्था देखने के लिए नहीं, बल्कि आस्था लेकर आते हैं। वह यहां स्नान-दान की परंपरा को निभाते हैं। कुंभ का अनुभव लेकर लोग जाते हैं। उन्होंने कहा कि कभी सम्राट हर्षवर्धन ने यहां दान की परंपरा की शुरुआत की थी।

केंद्र और प्रदेश में दोनों जगह भाजपा की सरकार है। इन सरकारों को चाहिए कि वह अकबर के किले को जनता के लिए दान कर दें। सेना के लिए जमीन चाहिए तो यमुना किनारे बहुत जमीन है, वहां आयुध डिपो को स्थानांतरित कर दिया जाना चाहिए।

उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि संगम में लोग त्याग करने आते हैं। यह अच्छा मौका है, यहां अहंकार का भी त्याग कर देना चाहिए। उन्होंने सपा पर लग रहे जातिवाद के आरोपों को खारिज किया। कहा कि जनता ने फिर मौका किया तो उनकी सरकार जातिगत आंकड़ों को सार्वजनिक करेगी, ताकि कोई एक-दूसरे पर दोषारोपण न कर सके। 
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