सपाध्यक्ष ने पत्रकारों से कहा कि कुंभ में देश-दुनिया से लोग व्यवस्था देखने के लिए नहीं, बल्कि आस्था लेकर आते हैं। वह यहां स्नान-दान की परंपरा को निभाते हैं। कुंभ का अनुभव लेकर लोग जाते हैं। उन्होंने कहा कि कभी सम्राट हर्षवर्धन ने यहां दान की परंपरा की शुरुआत की थी।
केंद्र और प्रदेश में दोनों जगह भाजपा की सरकार है। इन सरकारों को चाहिए कि वह अकबर के किले को जनता के लिए दान कर दें। सेना के लिए जमीन चाहिए तो यमुना किनारे बहुत जमीन है, वहां आयुध डिपो को स्थानांतरित कर दिया जाना चाहिए।
उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि संगम में लोग त्याग करने आते हैं। यह अच्छा मौका है, यहां अहंकार का भी त्याग कर देना चाहिए। उन्होंने सपा पर लग रहे जातिवाद के आरोपों को खारिज किया। कहा कि जनता ने फिर मौका किया तो उनकी सरकार जातिगत आंकड़ों को सार्वजनिक करेगी, ताकि कोई एक-दूसरे पर दोषारोपण न कर सके।