1. 10 जोन में मेला क्षेत्र को बांट तक तैनात किए गए सुरक्षा कर्मी
2. 440 सीसीटीवी कैमरों से चप्पे-चप्पे की निगरानी
3. 96 फायर वाच टावर आईसीसीसी से जोड़े गए
4. 37 कंपनीआरएएफ, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी, आईटीबीपी समेत अन्य अर्धसैनिक बलों की तैनाती
5 .10 कंपनी एनडीआरएफ लगाई गई
6. सुगम स्नान की व्यवस्था
7. 41 घाटों पर संगम के दोनों किनारों पर लगेगी डुबकी
8. 40 सब फायर स्टेशन आग से बचाव के लिए चौबीस घंटे सक्रिय
9. 111 घुड़सवार पुलिस घाटों से लेकर संगम तक निगरानी में जुटी
प्रयागराज के कुंभपर्व के दूसरे शाही, मौनी अमावस्या स्नानपर्व पर सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु डुबकी लगाएंगे। अमावस्या तिथि का संचरण रविवार को दिन में 11.12 बजे से प्रारंभ होकर चार फरवरी को दिन में 1.12 बजे तक रहेगा। लेकिन, उदयातिथि के कारण मौनी अमावस्या स्नानपर्व सोमवार को ही होगा। इसी दिन स्नान, दान एवं श्राद्ध की अमावस्या है। मान्यता के मुताबिक मौन रहकर स्नान, दान करना विशेष पुण्यदायी है।
उत्थान ज्योतिष संस्थान के निदेशक ज्योतिर्विद पं.दिवाकर त्रिपाठी 'पूर्वांचली' के मुताबिक मौनी अमावस्या स्नानपर्व, सोमवार को पड़ने से सोमवती अमावस्या का अक्षय पुण्य प्राप्त होगा। ब्रह्म मुहुर्त्त से ही मौनी अमावस्या का स्नान आरंभ हो जाएगा। श्रवण नक्षत्र रविवार की रात में 2.27 बजे से 4.57 बजे तक है। मौनी, सोमवती अमावस्या पर श्रवण नक्षत्र के साथ ही बन रहा सर्वार्थ अमृत सिद्धि योग सर्वप्रकार से अमृततुल्य है।