प्रदेश में पहली बार लखनऊ के बाहर होने जा रही कैबिनेट की बैठक का प्रयागराज साक्षी बनने जा रहा है। मंगलवार को कुंभ मेला क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में प्रदेश कैबिनेट की अहम बैठक होगी। इसमें कई महत्वपूर्ण नीतिगत प्रस्तावों के साथ राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर कैबिनेट एक प्रस्ताव पास कर सकती है। इसमें अयोध्या में श्रीराम की विशालतम मूर्ति की स्थापना की कार्ययोजना के एलान सहित कई प्रस्तावों पर विचार हो रहा है।
गौरतलब है कि इसी वर्ष लोकसभा चुनाव होने हैं। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर हो रही देरी से संत पहले ही नाराज चल रहे हैं। राम मंदिर निर्माण का संकल्प लेकर केंद्र की सत्ता पर काबिज हुई भाजपा संतों के साथ-साथ आम लोगों की भावना को भी आहत नहीं करना चाहती। इधर सुप्रीम कोर्ट में भी अयोध्या मामले की सुनवाई में लगातार विलंब होने पर पार्टी अभी तक कोई स्पष्ट घोषणा नहीं कर सकी है। ऐसे में माना जा रहा है कि कुंभनगर में होने वाली कैबिनेट की बैठक में सरकार राम मंदिर से जुड़ा कोई बड़ा फैसला ले सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार मंदिर से जुड़ा फैसला दूरगामी राजनीतिक परिणाम देगा। इस बीच सोमवार को कुंभनगर में आयोजित तीन दिवसीय परमधर्मसंसद के पहले दिन राम मंदिर पर देरी के लिए सरकार की निंदा की गई। इस ‘परमधर्मसंसद में सभी संसदीय क्षेत्रों से 543 धर्मांसदों के अतिरिक्त सातों पुरियों, 13 अखाड़ों के सदस्य शामिल हैं।
ये होंगे शामिल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव मौर्य के अलावा कई कैबिनेट व राज्य मंत्री। मुख्य सचिव, डीजीपी व 15 प्रमुख सचिव समेत एक सैकड़ा से अधिक अफसर।
हो सकते अन्य फैसले
कैबिनेट आवास विहीन या कच्चे जर्जर घरों में रहने वाले कुष्ठ रोगियों को मुख्यमंत्री आवास दिए जाने का फैसला कर सकती है। इसके लिए मुख्यमंत्री आवास योजना की पात्रता में कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवारों को शामिल करने का प्रस्ताव है। इसी तरह शाहजहांपुर महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ का संचालन पांच वर्षों के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड को दिए जाने की योजना है। इसके अलावा सरकार ने पिछले साल कृषि उत्पादन मंडी अधिनियम में 21 वां संशोधन किया था। इसमें प्रदेश में प्राइवेट मंडिया स्थापित करने, कोल्ड स्टोरेज को उप मंडी स्थल का दर्जा देने व मंडी समितियों को 10 करोड़ रुपये तक की राशि रोकने का अधिकार दिए जाने जैसे प्रावधान शामिल हैं। सरकार इस व्यवस्था को लागू करने से जुड़ी नियमावली को मंजूरी दे सकती है।