योग की बारीकियां सिखाने से इतर योगगुरु बाबा रामदेव ने सोमवार को कुंभ मेला क्षेत्र में एक और अनूठी पहल की। संतों से मिलने के क्रम में वह संगम लोअर मार्ग स्थित आवाहन अखाड़े की तेरह मढ़ी, सोरों परिवार के एक नागा साधु के शिविर में पहुंचे। वहां उन्होंने चिलम पीने से होने वाले नुकसानों की चर्चा के साथ ही साधु को चिलम न पीने की सलाह दी।
उनसे चिलम छोड़ने की अपील करते हुए झोली फैलाकर उसे मांग लिया। इससे पहले उन्होंने नागा साधु को पतंजलि के उत्पादों से भरा एक बैग और कुछ राशि भी भेंट की। बाबा रामदेव के आग्रह को सहर्ष स्वीकार करते हुए नागा साधु ने चिलम उनकी झोली में डाल दी और इस सलाह के लिए उनका आभार भी व्यक्त किया। वहीं बाबा रामदेेव ने कहा, यह शुरुआत है, यह सिलसिला जारी रहेगा।
इसके बाद वह जगद्गुरु रामभद्राचार्य से मिलने उनके शिविर पहुंचे। बाबा रामदेव ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि से भी मुलाकात की। इस दौरान वह निरंजनी अखाड़े की ओर से आयोजित नागा संन्यासियों की संस्कार दीक्षा में भी शामिल हुए। संगम किनारे ही बाबा ने योगाभ्यास करते हुए महंत नरेंद्र गिरि सहित संतों को योग सिखाया।
इससे पहले बाबा रामदेव ने गुरु कार्ष्णि शिविर में योग शिविर में जुटे साधकों को योग एवं प्राणायाम की बारीकियां सिखाईं। साथ ही उन्होंने स्वदेशी अपनाओ का नारा भी दिया। शिविर 31 जनवरी तक सुबह पांच बजे से 7.30 बजे तक चलेगा। बाबा के साथ हरिद्वार से योग एवं आयुर्वेद में अनुभवी भी आए हैं।
कब, कहां होंगे शिविर
-31 जनवरी से 4 फरवरी/ दिन में 3.30 से सात बजे तक/योग एवं भागवत कथा का दिव्य संगम, जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि
- एक से चार फरवरी/सुबह सात से नौ बजे तक/स्वामी चिदानंद मुनि जी महाराज, परमार्थ निकेतन