विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक-आध्यात्मिक समागम के रूप में आयोजित कुंभ मेला बीतने के बाद भी मूल अक्षयवट के दर्शन बंद नहीं होंगे। प्रदेश सरकार के आग्रह पर केंद्र सरकार के प्रयासों से मूल अक्षयवट को पूरे साल खोलने पर सहमति बन गई है। इसका एलान कुंभ मेले के समापन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर सकते हैं। अब तक की तय रूपरेखा के मुताबिक 11 महीने तक मूल अक्षयवट के दर्शन होंगे, लेकिन रखरखाव के लिए एक महीने के लिए प्रवेश बंद रखा जाएगा।
कुंभ में बीते माह हुई योगी आदित्यनाथ सरकार की कैबिनेट मीटिंग में अकबर के किले में स्थित मूल अक्षयवट को आम श्रद्धालुओं के लिए वर्ष पर्यंत खोलने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया गया था। इसके बाद शासन ने प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ओर से मूल अक्षयवट के दर्शन हमेशा सुलभ कराने के लिए पीएमओ को पत्र भेजा। उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक विचारोपरांत केंद्र सरकार मूल अक्षयवट को कुंभ मेला के बाद वर्ष पर्यंत खोलने पर सहमत हो गई है।
प्रधानमंत्री के एलान पर 450 वर्ष बाद खोले गए सनातनधर्मियों के इस अहम तीर्थ को कुंभ के बाद भी यथावत रखने पर संशय के बादल छाए हुए थे। इससे पहले प्रयागराज मेला प्राधिकरण और सेना के अफसरों के बीच हुई समन्वय समिति की बैठक में इसे 31 मार्च तक खोलने का निर्णय लिया गया था। कुंभ मेला से जुड़े एक उच्चाधिकारी ने बताया कि अब मूल अक्षयवट और सरस्वती कूप को वर्ष भर खोलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। माना जा रहा है कि पांच मार्च को कुंभ मेले के समापन के लिए आ रहे सीएम योगी आदित्यनाथ मूल अक्षयवट को वर्ष पर्यंत खोलने का एलान कर सकते हैं।