कुंभ से पहले शहर के 55 चौराहों पर लगाई जा रही कला कृतियां आकर्षक स्वरूप में सामने आ रही हैं। हर दिन चौराहों की तस्वीर बदल रही है। सीएमपी चौराहे पर जहां कान्हा की ‘दही हांडी’ की छवि लुभा रही है, वहीं पास ही छोटे चौराहे पर कबाड़ (स्क्रैप) से बना पर वाला चेतक घोड़ा कौतूहल का कारण बना है। सोहबतियाबाग चौराहे पर ‘समुद्र मंथन’ की कलात्मक प्रस्तुति कुंभ का मान बढ़ा रही है।
आकार ले रहे 55 चौराहों में प्रयागराज विकास प्राधिकरण 36 पर काम पूरा करा चुका है। 18 चौराहों पर मंगलवार को आर्ट वर्क का काम पूरा किया गया। अब शेष 19 चौराहों पर दो दिन के भीतर कला कृतियां लगाने की योजना है। 8.30 लाख से 13.50 लाख रुपये की लागत से तैयार ये कला कृतियां चौराहों पर लगाने का अनूठा प्रयोग संगम नगरी में पहली बार किया गया है।
- चौराहों को यातायात के दृष्टिकोण से सुगम और दर्शनीय बनाने का प्रयास किया गया है। हर चौराहे पहले की अपेक्षा योजना के मुताबिक बड़े किए गए हैं। हर चौराहे पर हरियाली विकसित करने का काम किया जाएगा।
- भानु चंद गोस्वामी, उपाध्यक्ष पीडीए