नैनी (ब्यूरो)। जवाहर पंडित हत्याकांड में नैनी जेल में बंद पूर्व बसपा सांसद कपिल मुनि करवरिया, पूर्व भाजपा विधायक उदयभान करवरिया और पूर्व एमएलसी सूरजभान करवरिया की न्यायालय के आदेश पर पैरोल में रिहाई शनिवार आधी रात के बाद संभव हो सकी।
उनकी रिहाई के दौरान यमुनापार के बारा, घूरपुर, करछना, औद्योगिक क्षेत्र और नैनी कोतवाली तथा शहर के कैंट थाने की पूरी फोर्स केंद्रीय कारागार परिसर में मौजूद रही। भारी सुरक्षा के बीच इनको जेल से उनके आवास तक ले जाया गया। इस दौरान मीडिया कर्मियों को जेल परिसर में घुसने से मनाही रही। जिससे मीडिया कर्मियों में भारी आक्रोश रहा।
पैरोल में छोड़े जाने के न्यायालय के आदेश पर शनिवार को नैनी जेल में करवरिया बंधुओं की रिहाई के इंतजार में देर रात तक समर्थकों की भीड़ कारागार परिसर में बनी रही। रात करीब ग्यारह बजकर सात मिनट पर यह सुनाई दिया कि उनकी सुरक्षा में बारह एसआई और 52 कांस्टेबल की व्यवस्था नहीं हो सकी थी।
जिससे रिहाई में देर होती गई। बाद में यह चर्चा होने लगी कि करवरिया बंधुओं को सुरक्षा व्यवस्था में लगाए जाने वाले भारी सुरक्षा बलों के खर्चें के लिए 12 लाख रुपए पुलिस लाइन में एक मुश्त जमा करने थे। लेकिन चार लाख रुपये की ही व्यवस्था तत्काल हो सकी थी। जिसकी वजह से उनकी रिहाई में देर होती रही। रकम पूरी नहीं जमा करने से रिहाई अटकी हुई थी। इस बीच जेल अधीक्षक केदार नाथ से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि अभी तक उनको पैरोल में रिहाई संबंधी कोई आदेश नहीं मिला है। असमंजस की स्थिति रात साढ़े ग्यारह बजे तक बनी रही। इसके बाद रिहाई की स्थिति स्पष्ट हो सकी।