तकरीबन डेढ़ वर्ष पूर्व प्रयागराज को कृषि उड़ान योजना में शामिल किया गया। ताकि देश के एक से दूसरे स्थान तक कम समय में किसानों के कृषि उत्पाद पहुंच सकें। इसके लिए प्रयागराज एयरपोर्ट से सटी 14.20 एकड़ जमीन पिछले साल ही चिह्नित की गई, लेकिन अब तक यह जमीन एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को नहीं मिल सकी है। पिछले वर्ष फरवरी में ही एयरपोर्ट सलाहकार समिति की बैठक में भी यह मुद्दा उठ चुका है।
दिसंबर 2023 में ही प्रदेश के प्रयागराज समेत गोरखपुर, हिंडन, कानपुर, बरेली, वाराणसी एवं आगरा एयरपोर्ट को कृषि उड़ान योजना में शामिल किया गया। इस योजना के तहत हवाई परिवहन द्वारा कृषि उत्पादों के आवागमन को सुविधाजनक बनाना है। पिछले वर्ष ही तत्कालीन एयरपोर्ट निदेशक ने भूमि के हस्तांतरण की बात कही। तब उन्होंने जिला प्रशासन से भी इस संबंध में अपेक्षित कार्रवाई करने को कहा था।
इसके बाद मामले में कोई भी कार्रवाई नहीं की जा सकी। सांसद प्रवीण पटेल में मार्च 2025 में यह मामला लोकसभा में भी उठाया। पिछले सप्ताह उनकी अध्यक्षता में हुई बैठक में भी मुद्दा उठा। तब सांसद ने बैठक में मौजूद जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अफसर से इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। वहीं, एयरपोर्ट निदेशक मुकेश उपाध्याय का कहना है जमीन मिलने के बाद कृषि उड़ान योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।