मतगणना में धांधली का लगाया गया आरोप
पहले तो 128 मतों से सुशील सिन्हा को विजयी बताया गया। वहीं, हार की जानकारी मिलने के बाद मतगणना स्थल के बाहर खड़े राघवेंद्र नाथ के समर्थक गिनती में धांधली का आरोप लगाते हुए पुनर्मतगणना के लिए हंगामा करने लगे। नारेबाजी और नोकझोंक के बाद पुनर्मतगणना कराई गई। इस बार भी सुशील सिन्हा 18 मतों से जीत गए, लेकिन राघवेंद्र नाथ और उनके समर्थकों के विरोध जताने पर परिणाम रोक दिया गया।
एक घंटे तक चली जद्दोजहद के बाद चुनाव अधिकारी पीके सिन्हा ने सुशील सिन्हा को केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष पद पर निर्वाचित घोषित किया। केपी ट्रस्ट का चुनाव पांच वर्ष के लिए होता है। इससे पहले एक दशक तक इस पद पर चौधरी परिवार का कब्जा था। मौजूदा समय चौधरी जितेंद्र नाथ अध्यक्ष हैं। जबकि इससे पहले राघवेंद्र नाथ ही इस ट्रस्ट के अध्यक्ष थे।
35 हजार में 9563 लोगों ने डाले थे वोट
सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच वोट डाले गए। 32 बूथों पर शाम पांच बजे तक 9563 मत पड़े। अध्यक्ष पद के लिए चार प्रत्याशी मैदान में थे जबकि कार्यकारिणी सदस्यों के 21 पदों पर 64 प्रत्याशियों के भाग्य आजमा रहे थे। कायस्थ पाठशाला इंटर कॉलेज परिसर में सुबह आठ बजे वोटिंग शुरू हुई। शुरुआत से ही सुशील बढ़त बनाए रहे जो अंत तक कायम रही। बीच में राघवेंद्र का भी पलड़ा भारी नजर आया जो परिणाम आते आते कुछ मतों से पीछे हो गया। परिणाम आने के बाद सुशील के समर्थकों ने जमकर आतिशबाजी की।