एशिया के सबसे बड़े ट्र्स्ट के रूप में विख्यात कायस्थ पाठशाला ट्रस्ट (केपी ट्रस्ट) का चुनाव इस बार सीसीटीवी व ड्रोन कैमरे की निगरानी में होगा। अध्यक्ष पद और बीस कार्यकारिणी सदस्यों के लिए कुल 67 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें से आठ अध्यक्ष पद के लिए, जबकि कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए 59 उम्मीदवार मैदान में हैं। मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच 31 हजार से अधिक न्यासधारी (वोटर) अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसके लिए केपी कॉलेज परिसर में बैरिकेडिंग की गई है। केपी ट्रस्ट चुनाव के लिए न्यासधारी यूपी ही नहीं, बल्कि पूरे देश-विदेश से मतदान करने यहां आए हैं। आसपास के जिलों से न्यासधारी मंगलवार सुबह यहां पहुंचेंगे। वहीं देश के विभिन्न प्रदेशों के जिलों में जनसंपर्क कर वोटरों को रिझाने गए प्रत्याशी भी अब लौट आए हैं। देर रात वह अपने पक्ष में मतदान कराने के लिए न्यासधारियों से घर-घर जाकर संपर्क करते रहे।
केपी कॉलेज परिसर में चुनाव के लिए सोमवार को दिन भर तैयारियां चलती रहीं। कॉलेज में बैरिकेडिंग के साथ ही उद्घोषणा के लिए लाउस्पीकर लगवाए गए हैं। मैदान में ही अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के साथ अन्य कार्यकारिणी सदस्यों ने अपने पंडाल लगाए हैं। सभी बूथों पर बिजली-पानी के साथ अन्य व्यवस्थाएं देर रात तक दुरुस्त की जाती रहीं। चुनाव अधिकारी बूथवार न्यासधारियों की सूची तैयार कराने के साथ अन्य चुनाव संबंधी कार्य पूरे कराने में व्यस्त रहे। चुनाव अधिकारी प्रमोद कुमार के मुताबिक 31 हजार 299 न्यासधारियों के मतदान के लिए 32 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इस कार्य को कॉलेज के 150 कर्मचारी संपन्न कराएंगे। पांच क्षेत्राधिकारी, 18 इंस्पेक्टर और 35 एसआई के साथ 250 सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी कैमरों के साथ ड्रोन कैमरे भी निगरानी करेंगे। पूरी चुनावी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। स्कैनर से जांच के साथ-साथ न्यासधारियों को मेटल डिटेक्टर से गुजरना होगा। किसी को भी शस्त्र लाने और उनका प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं होगी। प्रत्याशियों को चुनाव आचार संहिता का पालन करने का निर्देश दिया है। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
केपी ट्रस्ट के चुनाव में बाजी मारने की होड़ में जुटे अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों ने सोमवार को तूफानी जनसंपर्क किया। सबने अपने अपने-अपने तरीके से ट्रस्ट और बिरादरी की बेहतरी संबंधी दावे किए। एक-एक वोट की जुगत में लगे प्रत्याशियों ने डोर-टू-डोर संपर्क कर लोगों को साधने का दौर देर रात तक जारी रहा। चुनाव कार्यालयों में खासी गहमागहमी रही।
कायस्थ पाठशाला चुनाव के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह ने निवर्तमान अध्यक्ष चौधरी राघवेंद्र नाथ सिंह और एसडी कौटिल्य के साथ कीडगंज, मुट्ठीगंज, अतरसुइया, सिविल लाइंस, अल्लापुर, तेलियरगंज समेत अन्य मोहल्लों में घर-घर जाकर न्यासधारियों से मुलाकात की। उन्होंने कायस्थ पाठशाला में अत्याधुनिक अस्पताल निर्माण, केपी ट्रस्ट की बुकिंग में 50 फीसदी छूट देने का वादा दोहराया। चौधरी कोठी पर हुई बैठक में मतदान के लिए रणनीति तय की गई।
वहीं अध्यक्ष पद के उम्मीदवार डॉ.सुशील कुमार सिन्हा ने चुनाव जीतने पर ट्रस्ट के मूल उद्देश्यों के मुताबिक शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए हर संभव उपाय किए जाने की बात कही। उन्होंने ऑनलाइन मेंबरशिप शुरू किए जाने का संकल्प दोहराया। पूर्व अध्यक्ष टीपी सिंह का नाम लेकर अध्यक्ष पद के प्रत्याशी कुमार नारायण ने ट्रस्ट और कायस्थों के हित में काम करने की बात कही। उन्होंने कहाकि सभी सदस्यों का सम्मान और बिरादरी का हित सर्वोपरि रहेगा। उन्होंने कायस्थ युवा परिषद और कायस्थ महासभा की बैठक को भी संबोधित किया। इस मौके पर महासभा के अध्यक्ष सुमित श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
सरकारी नौकरी से वीआरएस लेकर अध्यक्ष पद के उम्मीदवार डॉ. विवेक श्रीवास्तव ने ट्रस्ट की गरिमा के अनुरूप काम करने का दावा किया। उन्होंने जनसंपर्क के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतरी की योजना बताई। वहीं एक अन्य प्रत्याशी रजनीकांत श्रीवास्तव ने ट्रस्ट के विकास और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करने का दावा किया। वहीं अध्यक्ष पद के प्रत्याशी डॉ. प्रीति, कल्पना और दीपक ने भी जनसंपर्क कर बैठकें कर सहयोग मांगा।
कायस्थ पाठशाला ट्रस्ट (केपी ट्रस्ट) के चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। देश के कोने-कोने से यहां आए न्यासधारियों को ठहराने के लिए शहर के कई होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाएं बुक हैं। 25 दिसंबर को केपी कॉलेज मैदान पर अध्यक्ष और बीस कार्यकारिणी सदस्यों के लिए न्यासधारी मतदान करेंगे। सोमवार को दिनभर प्रत्याशी वोटरों के घर-घर जाकर वोट के लिए चिरौरी करते रहे। रात में दावतों का भी दौर भी चला। प्रत्याशियों के समर्थक भी अपने करीबियों को पक्ष में करने को धूमते रहे। चुनाव में मतदान के लिए न्यासधारियों को बुलाने के लिए प्रत्याशियों के चुनाव कार्यालयों से फोन किए जाते रहे। अध्यक्ष पद के कई प्रत्याशियों ने मैसेज भी भेजे। मतदाताओं से संपर्क साधने का क्रम जारी रहा। वहीं वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, फतेहपुर, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, कौशाम्बी समेत कई आसपास के जिलों से न्यासधारियों को मतदान के लिए लाने के मकसद से बसों, गाड़ियों की बुकिंग भी कराई गई है। ऐसे लोगों की संख्या ज्यादा है, जो शहर में रहने वाले अपने रिश्तेदारों के यहां ठौर जमाए हैं। वहां भी चुनावी गणित पर चर्चा करने वाले जुटे रहे।योजना के मुताबिक बाहर से आने वाले मतदाताओं होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशालाओं में ठहराया गया है। इन स्थानों पर सभी तरह के इंतजाम किए गए हैं। शहर के नामचीन कैटरर्स और रसोइयों का भी इंतजाम किया गया है ताकि अतिथियों को मर्जी के मुताबिक भोजन मिले।