नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट (नीट)- 2017 में तीन अवसर की पाबंदी से निराश छात्रों पर बुधवार को पुलिस ने भी कहर ढाया। छात्र परीक्षा कराने वाली एजेंसी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) का घेराव करने पहुंचे थे। भीड़ अधिक होने से सिविल लाइंस में जाम लग गया। इस पर पुलिस ने लाठी चार्ज कर छात्रों को भगा दिया। शाम को छात्रों ने नए नियम के विरोध में बालसन चौराहे से लेकर मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज तक कैंडल मार्च निकाला और प्रदर्शन किया।
इसके पहले मेडिकल प्रवेश परीक्षा में छात्रों पर अवसर की पाबंदी नहीं लगाई गई थी। इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तर्ज पर इस बार एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अवसर की सीमा को लागू किया जा रहा है। सीबीएसई की ओर से दो दिन पहले नीट के लिए मांगे गए आवेदन में छात्रों को तीन बार ही पेपर देने की अनिवार्यता को लागू कर दिया गया है। यह नियम पिछले वर्षों में एआईपीएमटी और नीट में शामिल हो चुके छात्रों पर भी लागू किया गया हैं।
यदि वे तीन एआईपीएमटी में शामिल हो चुके हैं तो इस बार वे नीट में शामिल नहीं हो सकते हैं। नए नियम से बड़ी संख्या में छात्रों के डॉक्टर बनने के सपनों पर पानी फिरा है। छात्रों ने और किसी कोर्स में प्रवेश ही नहीं लिया है। छात्र कपिल मिश्रा, स्मिता सिंह, जेबा बख्तियार का कहना है कि नए नियम को इसी साल से लागू करना चाहिए था। इससे कोई विरोध भी नहीं होता।
छात्र नए नियम के विरोध में बुधवार की शाम सीबीएसई कार्यालय का घेराव करने पहुंचे तो वहां जाम लग गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रों पर लाठी चार्ज कर भगा दिया। इससे कुछ छात्रों को चोट भी आई। शाम को छात्रों ने बालसन चौराहे से कैंडल मार्च निकाला। कहा कि जब तक यह नियम वापस नहीं लिया जाता उनका आंदोलन जारी रहेगा।