हैदराबाद की किन्नर शिल्पा को हरिद्वार कुंभ में महामंडलेश्वर बनाया जाएगा। किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महाराज ने प्रयागराज में बुधवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हरिद्वार कुंभ -2021 में होगा शिल्पपा का पट्टाभिषेक किया जाएगा।
किन्नर अखाड़े का देशव्यापी विस्तार का फैसला
पंच दशनाम जूना अखाड़े की मदद से किन्नर अखाड़े का देश भर में विस्तार किया जाएगा। कुंभ मेले के आयोजन से जुड़े प्रयागराज के अलावा हरिद्वार, उज्जैन, और नासिक में किन्नर अखाड़े का निर्माण कराया जाएगा। यह निर्णय देश भर से जुड़े किन्नर संतों, महामंडलेश्वरों और पीठाधीश्वरों की मौजूदगी में माघ मेेले में लिया गया है। इसके लिए जूना और किन्नर अखाड़े के पदाधिकारियों के बीच वार्ता हुई है। इस दिशा में जूना अखाड़े की ओर से सहयोग के लिए कदम बढ़ाए जाने के संकेत मिले हैं।
माघ मेला में गुजरात व असम समेत अन्य स्थानों के लिए पांच नए महामंडलेश्वर व पीठाधीश्वरों के चयन के बाद किन्नर अखाड़े के देश व्यापी विस्तार का संकल्प लिया गया है। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी इसके लिए जूना अखाड़े के महंत व अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरि गिरि व अन्य पदाधिकारियों से मुलाकात कर चुके हैं। जूना अखाड़े की ओर से किन्नर अखाड़े के विस्तार के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया गया है।
इसकी शुरुआत आने वाले हरिद्वार कुंभ से होने की उम्मीद है। किन्नर अखाड़े को कुंभ के दौरान बसाने के लिए जूना अखाड़ा भवन व अतिथि निवास भी मुहैया कराने के लिए राजी हो गया है। अखाड़े के निर्माण के लिए भूमि सुविधा दिलाने के लिए भी सहमति लगभग बन गई है। उल्लेखनीय है कि बीते कुंभ के दौरान 13 अखाड़ों की परंपरा के क्रम में जूना अखाड़े ने किन्नर अखाड़े को मान्यता दी थी। इसके बाद देश के सभी राज्यों, शहरों, गांवों में किन्नर अखाड़े के फैलाव की रणनीति तैयार की गई है। आचार्य महामंडेश्वर लक्ष्मी नारायण अखाड़ों के निर्माण को इसलिए भी जरूरी मानते हैं ताकि उपदेवता के रूप में किन्नरों के महत्व के बारे में लोगों को बताया जा सके।