किन्नर आखड़े के आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने सोमवार को जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज से उनके शिविर में मुलाकात किया। लक्ष्मी नारायण ने उन्होंने जूनापीठाधीश्वर से आध्यात्मिक चर्चा कर आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही शिविर में स्थापित देवी-देवताओं का पूजन अर्चन किया।
इस अवसर पर अवधेशानंद ने कहा कि सन्यासियों के मन में समष्टि के प्रति सभी के लिए स्वीकार्यता स्वत: ही रहती है, श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े में किन्नर समूह का आगमन आनंददायक एवं मंगलकारी है। किन्नरों की भगवद भक्ति, ईश्वरीय समर्पण एवं पारमार्थिक भावना सभी के लिए प्रेरणास्पद है।
इसके उपरांत शिविर में चल रहे चार दिवसीय दत्तात्रेय उपाख्यान का द्वितीय दिवस का समापन हुआ। इस मौके पर वैष्णवाचार्य पुण्डरीक ने कहा कि भगवान दत्तात्रेय स्मृत्यगामी है जिनके स्मरण मात्र से प्राणी का कल्याण संभव है। दत्त भगवान अपने भक्तों पर आने वाले संकटों को तुरंत दूर करते हैं। दत्तात्रेय को शैवपंथी शिव का अवतार और वैष्णवपंथी विष्णु का अंशावतार मानते हैं।
श्री गुरुदेव दत्त भक्ति से प्रसन्न होकर स्मरण करने से ही विपदाओं से रक्षा करते हैं। इस अवसर पर स्वामी स्वधर्मानंद, स्वामी सोमदेव गिरि, देश के सुप्रसिद्ध न्यायविद विवेक ठाकुर, सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे। दिन में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शिविर में पहुँचकर जूनापीठाधीश्वर से आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर प्रभु प्रेमी संघ शिविर की अधिशासी प्रभारी महामंडलेश्वर स्वामी नैसर्गिका गिरि जी, महामंडलेश्वर स्वामी अपूर्वानंद गिरि, विवेक ठाकुर, स्वामी कैलाशानन्द गिरि, स्वामी सोमदेव गिरि, महेंद्र लाहौरिया, आर.के. शुक्ला, मालिनी दोषी सहित बड़ी संख्या में प्रभु प्रेमी जन उपस्थित थे।