आगरा के चौबुर्जी से काबुल गया था बाबर का शव
आगरा में यमुना किनारे एत्मादुद्दौला के मकबरे के पास ही चौबुर्जी स्मारक है, जहां 1530 में बाबर की मौत के बाद उसे दफनाया गया था। लेकिन बाबर की इच्छा थी कि उसे काबुल में दफनाया जाए। छह महीने बाद उसके शव को काबुल में दफना दिया गया।
बुरहानपुर में सूनी है मुमताज की कब्रगाह
दुनिया में अद्भुत वास्तुकारी की मिसाल ताजमहल में दफ्न मुमताज महल पहले मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के जैनाबाद में दफनाई गई थी। बाद में उसके शव को आगरा लाया गया। उस वक्त ताजमहल तैयार हो रहा था। आरके दीक्षित बताते हैं कि उसके शव को कुछ महीनों के लिए ताज के बगल मस्जिद के पास पीले पत्थरों की चहारदीवारी बनाकर रखा गया था। फिर ताज की मुख्य इमारत में लाया गया। इसके बाद ताज के ऊपरी हिस्से का निर्माण हुआ।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संरक्षण में बहुत सी गुमनाम कब्रें हैं। सिकंदरा के अकबर टॉम्ब और दिल्ली स्थित हुमायूं टॉम्ब में कई बेनाम कब्रें हैं। फैक्ट के बिना इनके बारे में कोई कयास नहीं लगाया जा सकता। - पद्मश्री केके मोहम्मद, पूर्व रीजनल डायरेक्टर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण