उप मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा देश और प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। जिस देश का युवा विकास यात्रा में सहभागी नहीं बनता, वह देश प्रगति नहीं कर सकता। प्रतियोगी छात्र केवल अपने परिवार का ही नहीं बल्कि राष्ट्र और समाज के भविष्य का भी निर्माण करते हैं। इसलिए उनकी ऊर्जा और प्रतिभा का सही दिशा में उपयोग सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार छात्रों की वास्तविक समस्याओं का समाधान चाहती है और इसी भावना से संवाद स्थापित किया जा रहा है।
मौर्य ने कहा कि प्रयागराज प्रतियोगी छात्रों का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां से तैयारी कर अनेक युवाओं ने प्रशासनिक एवं अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं में सफलता प्राप्त कर देश की सेवा की है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा पारदर्शी और विश्वासपूर्ण वातावरण तैयार करना है, जिसमें प्रत्येक प्रतिभाशाली युवा अपनी मेहनत के बल पर आगे बढ़ सकें।
उप मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों से आग्रह किया कि वे अपनी सभी समस्याएं, सुझाव एवं मांगें लिखित रूप में उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बिंदु का गंभीरतापूर्वक परीक्षण किया जाएगा तथा संबंधित विषयों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि युवाओं के हितों की रक्षा तथा भर्ती एवं परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और विश्वसनीय बनाने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रभावी कदम उठाती रहेगी।