प्रयागराज में आयोजित पंच सम्मेलन को संबोधित करते डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य।
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राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को आयोजित पंच सम्मेलन में ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने और सहभागी ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने पर मंथन हुआ। मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद ने कहा कि ग्राम पंचायत अब केवल काम कराने वाली संस्था नहीं, बल्कि योजना क्रियान्वयन और विकास का केंद्र है। विकसित भारत के निर्माण की शुरुआत विकसित पंचायत से होगी। वर्ष 2047 से पहले सभी ग्राम पंचायतों को विकसित पंचायत बनाने का लक्ष्य है। जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायतों को मिलकर गांवों को हर क्षेत्र में मजबूत बनाना होगा। उन्होंने ग्राम प्रधानों से वीबी-जी राम जी योजना के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं की जानकारी ली और उन्हें लिखित रूप में उपलब्ध कराने को कहा। कहा कि समस्याओं का शीघ्र समाधान कराया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि योजना में लीकेज की संभावना नहीं है।
ग्राम प्रधानों से अच्छे कार्यों का सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार करने और अधिकारियों-कर्मचारियों से ईमानदारी से दायित्व निभाने का आह्वान किया। केशव ने वीबी-जी राम जी से संबंधित संक्षिप्त मार्गदर्शिका पुस्तिका का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में विधायक फाफामऊ गुरु प्रसाद मौर्य, मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, जिला विकास अधिकारी जीपी कुशवाहा, परियोजना निदेशक भूपेंद्र सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी रवि शंकर द्विवेदी सहित ग्राम प्रधान और अधिकारी मौजूद रहे।
3,034 कार्यों ने पकड़ी रफ्तार, 2,742 महिला मेट संभाल रहीं जिम्मेदारी
वीबी-जी राम जी योजना से जिले की ग्राम पंचायतों में विकास और रोजगार दोनों को रफ्तार मिल रही है। योजना के तहत 3,034 कार्य वर्तमान में चल रहे हैं। इनमें पांच लाख रुपये से अधिक लागत वाली 118 परियोजनाओं को स्वीकृति मिल चुकी है। गांवों में महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ी है। योजना के तहत 2,742 महिला मेट कार्यरत हैं। वहीं, 2,42,660 सक्रिय श्रमिक विकास कार्यों से जुड़े हैं। अब तक 1,85,701 मानव दिवस सृजित हो चुके हैं। आंकड़े बताते हैं कि पंचायतों में विकास के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।