उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में पहुंचे हुए ज्योतिषाचार्यों को सम्मानित किया। इस दौरान डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रयागराज की धरती पर ज्योतिषियों का महाकुंभ होना और इतने प्रतिष्ठित ज्योतिषियों का यहां आगमन होना हमारे लिए गर्व की बात है।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में पहुंचे हुए ज्योतिषाचार्यों को सम्मानित किया। सम्मान समारोह के बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इस महोत्सव के आयोजन के लिए अमर उजाला समूह का अभिनंदन। प्रयागराज की धरती पर ज्योतिषियों का महाकुंभ होना और इतने प्रतिष्ठित ज्योतिषियों का यहां आगमन होना हमारे लिए गर्व की बात है।
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उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 2025 में महाकुंभ के अवसर पर जो संयोग बना है, वह 144 वर्ष बाद आया है। इसकी गणना ज्योतिषियों ने ही पंचांगों के माध्यम से की थी। यह संयोग अब 144 वर्ष बाद ही आएगा। इस महाकुंभ में कल्पवासी कठोर अनुष्ठान करते हैं। सभी अखाड़ों के शिविर यहां लगे हुए हैं। संत परंपरा से जुड़े सभी संत यहां पधारे हुए हैं। सभी का स्वागत है। तीसरा स्नान पर्व मौनी अमावस्या के दिन 29 जनवरी को होगा। दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी यहां आए थे और उन्होंने कई योजनाओं का लोकार्पण किया। फिर प्रयागराज में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई दौरे किए। पिछले दिनों उनके नेतृत्व में संपूर्ण कैबिनेट की बैठक प्रयागराज में ही हुई।
'अमर उजाला से ही मिली डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम गौरव पथ की प्रेरणा'
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अमर उजाला इस तरह के प्रयास करता रहता है। इनमें रक्तदान और मेधावी छात्रों को अवसर देने की पहल शामिल है। मेधावी छात्रों के लिए अमर उजाला की पहल के बाद ही उत्तर प्रदेश सरकार को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम गौरव पथ योजना शुरू करने की प्रेरणा मिली। इसके तहत मेधावी छात्रों के घर-गांवों तक पक्की सड़क बनाई जाती है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अब अमर उजाला मौजूद है। जीवांजलि और माय ज्योतिष के जरिए अमर उजाला ने डिजिटल पर अपनी पहल को आगे बढ़ाया है। ज्योतिष में समुद्र जैसी गहराई है। जितना जान पाएं, उतना कम है। भारतीय संस्कृति में ज्योतिष विज्ञान का बहुत महत्व है। अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ महोत्सव एक शुरुआत है।