उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) के नवनिर्मित प्रेक्षागृह की भ्रष्टाचार की परतों पर शुक्रवार को दिनभर मरहम-पट्टी चलती रही। प्रेक्षागृह को तैयार करने में करीब तीन करोड़ का खर्च आया था। चर्चा यह भी है कि 400 कुर्सियों में कुछ को ही बदला गया था। बाकी का सिर्फ रंग-रोगन किया गया।
पहले तो छत से बूंदें टपकने व फॉल्स सीलिंग नीचे गिरने की बात से अफसर पल्ला झाड़ते रहे। लेकिन, अब जांच की बात कह रहे हैं। दावा कर रहे हैं कि फॉल्स-सीलिंग को ठीक कर दिया गया है। बाकी काम भी एक हफ्ते में हो जाएगा।
करीब तीन करोड़ से संवरे इस प्रेक्षागृह का 10 जून को ही राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने वर्चुअली उद्घाटन किया था। तब, अफसरों ने इसे शानदार बताया था, मगर इसकी छत पहली बारिश भी न झेल सकी। फॉल्स सीलिंग तक नीचे आ गिरी। दो दिन हुई बारिश ने प्रेक्षागृह के नवनिर्माण में हुए भ्रष्टाचार की पोल खोल दी। प्रेक्षागृह की छत जगह-जगह से टपकती रही। मेकअप रूम और कुछ अन्य जगहों की फॉल्स सीलिंग तक नीचे आ गिरी।
वर्जनसीपीडब्ल्यूडी को काम सौंपा गया था। उनकी ओर से कुछ गलती तो हुई है। मैंने उनको अखबारों की कटिंग भेजकर अवगत कराया है। एक हफ्ते के अंदर काम हो जाएगा। बाकी जांच भी करेंगे।
- आशिस गिरि, प्रभारी निदेशक, एनसीजेडसीसी