केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश में आरक्षण के बदले नियम 0 संगठन से संबद्घ स्कूलों में प्रवेश में अब ओबीसी को मिलेगा 27 फीसदी आरक्षण प्रयागराज। केंद्रीय विद्यालय संगठन से संबद्घ देश भर के बारह सौ से अधिक केंद्रीय विद्यालयों में अपने बच्चों का इंतजार कर रहे अभिभावकों के लिए अच्छी खबर है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने केंद्रीय विद्यालयों एवं देश के हर जिले में खुले नवोदय विद्यालयों में प्रवेश के लिए आरक्षण के नियमों को तय करते हुए अन्य पिछड़े वर्ग को बड़ी रहात दी है। अब केंद्रीय विद्यालयों एवं नवोदय विद्यालयों में प्रवेश के लिए ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण का लाभ मिलेगा। नियमों में बदलाव के बाद इस बार प्रवेश में ओबीसी को भी शामिल किया जा रहा है। नियमों में बदलाव चालू शैक्षिक सत्र से ही 0 केंद्रीय एवं नवोदय विद्यालयों में ओबीसी आरक्षण के नए नियम को चालू शैक्षिक सत्र से ही लागू किया जाएगा। इसी के साथ स्पष्ट किया गया है कि एससी, एसटी के पहले से जारी आरक्षण पूर्ववत लागू रहेंगे। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आरक्षण 50 फीसदी से अधिक नहीं होगा। नए आदेश के साथ यह भी स्प्ष्ट किया गया है कि नियमित प्रवेश प्रक्रिया के तहत यदि सीट कम पड़ती है तो स्कूलों को यह अधिकार होगा कि वह एससी, एसटी, ओबीसी के लिए अतिरिक्त सीट बढ़ा सकते हैं। तीन चरणों में होगा प्रवेश 0 केंद्रीय एवं नवोदय विद्यालयों में प्रवेश केलिए नए मॉडल में तीन चरण होंगे। पहले चरण में राइट टू एजुकेशन के तहत एससी, एसटी, ओबीसी के लिए ड्रा निकाला जाएगा। दूसरे चरण में उन केंद्रीय कर्मचारियों के बच्चों के लिए सीट आरक्षित होगी, जो ट्रांसफर से आएंगे। तीसरे चरण में पीएसयू कर्मचारियों के बच्चों केलिए सीट रिजर्व रखी जाएगी। आरक्षण के चलते केंद्रीय विद्यालयों में पिछड़ा प्रवेश कार्य 0 केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया एक मार्च से शुरू होती रही है, इस बार आरक्षण नियमों में पेंच के चलते प्रवेश प्रक्रिया काफी लेट हो गई है। 2019 में प्रवेश प्रक्रिया एक मार्च से शुरू हो गई थी जबकि दो अप्रैल से दूसरी और अन्य कक्षाओं में प्रवेश की प्रक्त्रिस्या शुरू हुई थी। कोरोना के खतरे के चलते इस बार पूरे देश में लॉकडाउन होने के कारण इस बार प्रवेश में देरी हुई। सरकार की ओर से लॉकडाउन खुलने के बाद प्रवेश कब होगा, इस पर फैसला होगा।