अमर उजाला ब्यूरो प्रयागराज। शाहगंज स्थित मुसाफिरखाने से निकालकर आइसोलेट किए गए सात विदेशियों समेत सभी 37 लोग बृहस्पतिवार को अचानक करेली शिफ्ट कर दिए गए। सुबह शुरू हुई कार्रवाई में सभी को एंबुलेंस से ले जाकर करेली स्थित गेस्ट हाउस में क्वॉरंटिन कर दिया गया। कोरोना संदिग्धों को शिफ्ट करने का निर्णय क्यों लिया गया, इस बाबत अफसर कुछ स्पष्ट बोलने से बचते रहे। हालांकि चर्चा रही की एक दिन पहले हुए हंगामे को लेकर पुलिस प्रशासन ने यह निर्णय लिया। दो दिन पहले शाहगंज के काटजू रोड स्थित अब्दुल्लाह मस्जिद मुसाफिर खाने में सात इंडोनेशियाई नागरिकों समेत नौ लोग छिपकर रहते मिले थे। यह सभी दिल्ली में आयोजित तबलीगी जमात के जलसे में शामिल होकर यहां पहुंचे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस व प्रशासन की टीम ने इन नौ लोगों के साथ ही मुसाफिर खाने में ठहरे 28 अन्य लोगों को भी यहां से निकालकर जॉर्ज टाउन स्थित गेस्ट हाउस में ले जाकर क्वॉरंटिन कर दिया था। हालांकि बृहस्पतिवार सुबह अचानक इन सभी को शिफ्ट करने का निर्णय ले लिया गया। कार्रवाई बेहद गोपनीय रखी गई और इसकी जानकारी कुछ ही अफसरों के साथ साझा की गई। पूरी तैयारी के बाद जब मरीजों को शिफ्ट करने की बारी आई तब जाकर संबंधित थाने की पुलिस को इसकी सूचना दी गई। हालांकि इससे पहले ही कुछ अफसरों को भेजकर करेली के जीटीबी नगर स्थित महबूबा पैलेस गेस्ट हाउस में कोरोना संदिग्धों को रखे जाने की व्यवस्था करा दी गई थी। सुबह 11 बजे के करीब विदेशी नागरिकों समेत सभी 37 लोगों को एक-एक करेली स्थित गेस्ट हाउस में भेजने की शुरुआत हुई। दोपहर 2:00 बजे तक सभी लोगों को गेस्ट हाउस में पहुंचा दिया गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों की निगरानी में सभी को आइसोलेट कर दिया गया। इस बारे में सीओ अमित कुमार श्रीवास्तव से बात की गई तो उनका कहना था कि उच्चाधिकारियों के निर्देश के अनुसार सभी संदिग्धों को शिफ्ट कर आइसोलेट करा दिया गया है। स्थानीय लोगों ने किया था विरोध, हुआ था हंगामा कोरोना संदिग्धों को जॉर्जटाउन से अचानक करेली शिफ्ट किए जाने को लेकर अफसर कुछ स्पष्ट बोलने को तैयार नहीं हैं। हालांकि चर्चा है कि एक दिन पहले जॉर्जटाउन में स्थानीय लोगों के हंगामे को देखते हुए ही यह कार्रवाई की गई। बता दें कि जॉर्जटाउन स्थित जिस गेस्ट हाउस में कोरोना संदिग्धों को रखा गया था उसके आसपास अपार्टमेंट के साथ ही कई रिहायशी भवन भी हैं। जिनमें रहने वालों ने बगल के गेस्ट हाउस में कोरोना संदिग्धों को रखे जाने का विरोध किया था।उनका कहना था कि सभी संदिग्धों को गेस्ट हाउस के दूसरे तल पर रखा गया है और अगर इनमें से कोई व्यक्ति संक्रमित हुआ तो इससे मोहल्ले के लोगों में भी संक्रमण फैलने का खतरा है। बाद में किसी तरह अफसरों ने समझा-बुझाकर उन्हें शांत कराया था।