ग्राम पंचायत केड़वर में अनियमितताओं की पुष्टि होने पर डीएम मनीष कुमार वर्मा ने ग्राम प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार तत्काल प्रभाव से सीज कर दिए हैं। ग्राम निधि के खातों से आहरण और व्यय पर भी रोक लगा दी गई है।
केड़वर निवासी जयशंकर तिवारी की शिकायत पर कराई गई जांच में प्रथम दृष्टया गड़बड़ी सामने आई थी। इसके बाद ग्राम प्रधान व संबंधित सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। दोनों के स्पष्टीकरण को असंतोषजनक मानते हुए आरोपों को प्रमाणित माना गया।
डीएम ने उत्तर प्रदेश पंचायतराज अधिनियम की धारा 95 (1) (छ) के तहत कार्रवाई करते हुए प्रधान को अंतिम जांच तक सभी अधिकारों के प्रयोग से वंचित कर दिया है।
अंतिम जांच के लिए परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को नामित किया गया है, जबकि तकनीकी परीक्षण का जिम्मा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को सौंपा गया है। इस बीच पंचायत के कार्य तीन सदस्यीय समिति के माध्यम से संचालित होंगे।